एक जनवरी से लागू होगा 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता और राहत, मई के वेतन से मिलेगा कैश, शासनादेश जारी
राज्यकर्मियों का महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ा, पेंशनरों की महंगाई राहत भी बढ़ी, डीए और डीआर की दर 58 से बढ़कर हुई 60 प्रतिशत
16.35 लाख कर्मी और 11.53 लाख पेंशनर्स होंगे लाभांवित
लखनऊ : राज्य सरकार ने भी अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को दो प्रतिशत बढ़ी दर से महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) दिए जाने का आदेश जारी कर दिया है। इस निर्णय से डीए और डीआर की दर 58 से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है। बढ़ी हुई दर का लाभ 16.35 लाख राज्यकर्मियों और 11.53 लाख पेंशनरों को मिलेगा।
अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किया, जिसके अनुसार बढ़ा हुआ डीए और डीआर - एक जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। इसका भुगतान मई महीने के वेतन और पेंशन के साथ किया जाएगा। इस फैसले का लाभ राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण व प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मियों, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित और पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों तथा यूजीसी वेतनमान में कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा।
सरकार ने जनवरी से अप्रैल तक के एरियर के भुगतान की व्यवस्था भी तय की है। अधिकारियों और कर्मचारियों की एक जनवरी से 30 अप्रैल तक की देय अवशेष धनराशि उनके भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में जमा कराई जाएगी। जिन कर्मचारियों के पास जीपीएफ खाता नहीं है, उनकी राशि पीपीएफ में जमा होगी या राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) के रूप में दी जाएगी।
राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) से जुड़े कर्मचारियों के लिए एरियर की 10 प्रतिशत राशि उनके टियर-वन पेंशन खाते में जमा होगी। इसके अलावा राज्य सरकार अपनी ओर से 14 प्रतिशत अंशदान भी जमा करेगी। बची हुई राशि पीपीएफ या एनएससी के माध्यम से दी जाएगी। जिन कर्मचारियों की सेवा शासनादेश जारी होने से पहले समाप्त हो चुकी है या जो अगले छह माह में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें पूरी राशि नकद दी जाएगी। सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर करीब 709 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।