चेहरा पहचान प्रणाली से फर्जी वोटरों पर कसेगा शिकंजा, पंचायत चुनाव में फर्जी वोटरों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक होगी प्रयोग
लखनऊ। पंचायत चुनाव में फर्जी वोटरों की पहचान करने के लिए चेहरा पहचान प्रणाली (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम) समेत अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने मंगलवार को बताया कि शाहजहांपुर के कटरा और कुशीनगर के फाजिलनगर में नगर पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव में कुल 50257 मतदाताओं पर इसका सफल परीक्षण हुआ।
देश में पहली बार किसी चुनाव में ऐसा प्रयोग किया गया है। यदि कोई मतदाता एक मतदान केंद्र पर वोट डालने के बाद दूसरी जगह वोट डालने का प्रयास करता है तो उसे तुरंत पकड़ लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारियों के मोबाइल पर फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) एप्लिकेशन अपलोड कराया गया है। मतदान शुरू होने से खत्म होने तक मोबाइल पर केवल यही एप्लिकेशन कार्य करेगा।