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Sunday, May 3, 2026

यूपी पंचायत चुनाव : मतदाता सूची का फिर हो रहा है सत्यापन, 10 जून को जारी होगी पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची


यूपी पंचायत चुनाव : मतदाता सूची का फिर हो रहा है सत्यापन, 10 जून को जारी होगी पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची

02 मई 2026
लखनऊ। पंचायत चुनाव मतदाता पुनरीक्षण सूची का सत्यापन दोबारा किया जा रहा है। किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका न रहे, इसलिए यह कवायद की जा रही है। 10 जून को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाना है।

दिसंबर 2025 में राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण-2025 की अनंतिम सूची जारी की थी। इसमें प्रदेश में कुल 12.69 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए थे। पिछले पंचायत चुनाव की सूची की अपेक्षा इसमें 40.19 लाख मतदाता बढ़े थे। सूची जारी होने के बाद आयोग ने दावे और आपत्तियां मांगी थीं। इस दौरान लाखों आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिनकी सुनवाई कर उनका निस्तारण किया जा चुका है। अंतिम सूची के प्रकाशन की तारीख अब तक पांच बार बढ़ाई जा चुकी है।

बताया जा रहा है कि इस वर्ष पंचायत चुनाव नहीं होने हैं, इसलिए आयोग मतदाता सूची को और अधिक त्रुटिरहित बनाने में जुटा है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद या सवाल न खड़ा हो सके। इसी वजह से हर मतदाता का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। 



ग्राम पंचायत प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी

25 अप्रैल 2026
लखनऊ। यूपी में प्रशासक समिति के माध्यम से ग्राम पंचायत प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। 26 मई को पांच साल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। अभी तक 'समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' नहीं बना है और मतदाता सूची भी तैयार नहीं हो पाई है। यही नहीं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने को लेकर न्यायालय में भी मामला विचाराधीन है। 

पंचायती राज विभाग के एक्ट में दो व्यवस्थाएं हैं। पहली ग्राम पंचायतों का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर प्रशासक बैठाया जाता है। एडीओ (पंचायत) को प्रशासक बनाकर चुनाव न होने तक कार्य चलाया जाता है। अभी तक तो हर बार प्रशासक ही बैठाए गए हैं। वहीं दूसरी व्यवस्था यह है कि प्रशासक समिति को ग्राम पंचायत चलाने का अधिकार दिया जाए। जिसमें जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाता है।



पंचायत मतदाता सूची में होगा मतदाताओं का नौ अंकों का यूनीक स्टेट वोटर नंबर (SVN), शुद्ध सूची के साथ फर्जीवाड़ा रोकने को निर्वाचन आयोग ने उठाया कदम

लखनऊ : पंचायत चुनावों में फर्जी मतदान, एक ही व्यक्ति के कई स्थानों पर नाम दर्ज होने और मतदान के दौरान होने वाले विवादों को जड़ से समाप्त करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ी पहल की है। अब पंचायत मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक मतदाता को यूनीक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित किया जाएगा। विधान सभा चुनाव के इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड (इपिक) की तर्ज पर जारी होने वाला यह नौ अंकों का विशेष नंबर मतदाता की स्थायी पहचान बनेगा।

यह नंबर न केवल मतदाता की व्यक्तिगत पहचान सुनिश्चित करेगा, बल्कि उसे उसके विकास खंड और गांव से भी डिजिटल रूप से जोड़कर रखेगा। यदि किसी कारणवश मतदाता का नाम सूची से हट जाता है, तो वह नंबर भी स्वतः समाप्त हो जाएगा और दोबारा किसी अन्य को आवंटित नहीं किया जाएगा। इससे फर्जी मतदाता जोड़ने या एक ही व्यक्ति के कई बूथों पर नाम होने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

 निर्वाचन आयोग ने इसके लिए विशेष साफ्टवेयर विकसित किया है, जिसके माध्यम से प्रदेश के हर मतदाता को एसवीएन जारी किया जाएगा। यह प्रणाली पंचायत चुनावों में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल चुनावी विवादों में कमी आएगी, बल्कि मतदान प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी। इस तरह की आधुनिक व्यवस्था लागू करने वाला उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य बन गया है।



समय पर नहीं होंगे पंचायत चुनाव, मतदाता सूची का तीसरी बार होगा सत्यापन, 10 जून को आएगी अंतिम सूवी, 26 मई को खत्म हो रहा कार्यकाल

यूपी में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची 10 जून को, मतदाता सूची की प्रकाशन तिथि पांचवीं बार बढ़ाई गई

लखनऊ । यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख पांचवीं बार बढ़ा दी गई है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब 10 जून को होगा। इससे विधानसभा चुनाव के बाद ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने के आसार दिखाई दे रहे हैं। पंचायत चुनाव में देरी पर कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है या प्रशासक बैठाए जा सकते हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 22 अप्रैल को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख बढ़ाने का आदेश शनिवार को जारी कर दिया है। मतदाता सूची के कंप्यूटरीकरण का काम 21 अप्रैल से 28 मई तक होगा। मतदान केंद्रों का क्रमांकन, मतदेय स्थलों के वार्डों की मैपिंग, राज्य मतदाता क्रमांक का आवंटन 29 मई से 9 जून तक होगा। 10 जून को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। 

राज्य निर्वाचन आयोग ने 23 दिसंबर 2025 को अनंतिम मतदाता सूची जारी की थी। अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीखें पहले 15 जनवरी और फिर 6 फरवरी, 28 मार्च, 15 अप्रैल व 22 अप्रैल घोषित हुईं और आगे बढ़ती रहीं। अब फिर इसे बढ़ाया गया है। अनंतिम मतदाता सूची में 12.69 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जो पिछले चुनाव के मुकाबले 40.19 लाख अधिक हैं। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन में देरी होने से पंचायत चुनाव विधानसभा चुनावों के बाद कराए जाने के आसार नजर आ रहे हैं।



पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट की फिर होगी छंटनी, अब सूची का अंतिम प्रकाशन 10 जून को

18 अप्रैल 2026
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में फिर से डुप्लीकेट वोटर छांटे जाएंगे। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से संशोधित समय सारणी जारी की है। डूप्लीकेट वोटरों की छंटनी के तैयार होने वाली संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन 10 जून को होगा। इसी सूची के आधार पर पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।

आगामी 26 व 19 जुलाई को प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी समय सारणी के अनुसार, आगामी 21 अप्रैल से 28 मई तक मतदाता सूची से डुप्लीकेट वोटरों को चिह्नित करने का काम किया जाएगा। इसके बाद 29 मई से नौ जून तक मतदान केंद्र व बूथों का क्रमांकन, मतदेय स्थलों के वार्डों की मैपिंग, मतदाता क्रमांकन, सीवीएन आवंटन, मतदाता सूची की डाउनलोडिंग आदि कार्य किए जाएंगे।

 आयोग के निर्देशानुसार सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही पंचायत चुनाव कराया जा सकेगा। इससे पहले 22 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की तिथि निर्धारित की गई थी। लेकिन डुप्लीकेट मतदाताओं के होने की संभावना को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से संशोधित आदेश जारी किया गया है।

अब तक दो बार ब्लॉक व जिले स्तर पर डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच कर उनके नाम हटाने का कार्य हो चुका है। इस दौरान सार्वजनिक अवकाश में भी कार्यालय खुले रहेंगे।



पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची का प्रश्न अब 22 अप्रैल को

15 अप्रैल को प्रकाशित होनी थी, एक सप्ताह आगे बढ़ाया

13 अप्रैल 2026
लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब अंतिम सूची 22 अप्रैल को जारी होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसकी जानकारी वेबसाइट के माध्यम से जारी की है। सबसे पहले 15 जनवरी को तय प्रकाशन की तिथि 28 मार्च की गई। इसे बढ़ाकर 15 अप्रैल किया गया था। अब कागजी कार्रवाई पूरी न होने की वजह से समय एक सप्ताह और बढ़ाया गया है।

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 21 अप्रैल तक मतदाता सूचियों का कंप्यूटरीकरण, मतदेय स्थलों की मैपिंग, वार्डों का क्रमांकन और फोटो प्रतियां तैयार करने का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद 22 अप्रैल को अंतिम सूची प्रकाशित होगी।

23 दिसंबर 2025 में आयोग ने पुनरीक्षण की अनंतिम सूची जारी की थी। अनंतिम सूची में 12.69 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जो पिछले चुनाव के मुकाबले 40.19 लाख अधिक हैं। इस पर आयोग ने दावे और आपत्तियां मांगे थे। प्रदेश भर से मिलीं लाखों आपत्तियों पर आयोग ने सुनवाई कर निस्तारण किया। अब अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की वास्तविक बढ़ोतरी की संख्या और कुल मतदाताओं का पता चलेगा।



राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा ग्राम प्रधान क्षेत्र पंचायत सदस्य के निर्वाचन नामावली का अंतिम प्रकाशन अब 22 अप्रैल को होगा


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