बिना नोटिस पेंशन खाते से रकम नहीं काट सकेंगे बैंक, नए निर्देश से देशभर के लाखों पेंशनभोगियों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत
नई दिल्ली। रिटायरमेंट के बाद अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों के लिए हर महीने मिलने वाली पेंशन ही आय का सबसे बड़ा और कई मामलों में एकमात्र साधन होती है। दवाइयों का खर्च, घर का राशन, बिजली-पानी के बिल और अन्य दैनिक जरूरतें इसी रकम से पूरी होती हैं।
ऐसे में यदि बैंक बिना किसी पूर्व सूचना के उनके खाते से बड़ी राशि काट ले, तो उनका पूरा मासिक बजट बिगड़ सकता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनसे देशभर के लाखों पेंशनभोगियों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
दरअसल, कई बार तकनीकी गड़बड़ी, गलत गणना या प्रशासनिक त्रुटि के कारण पेंशनभोगियों के खातों में तय राशि से अधिक पेंशन जमा हो जाती है। बाद में जब बैंक को इस गलती का पता चलता है, तो वह बिना किसी पूर्व सूचना के एकमुश्त रकम खाते से काट लेता है। इससे पेंशनभोगियों को अचानक आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अतिरिक्त भुगतान की वसूली का नया नियम
आरबीआई के नए नियमों के अनुसार अब कोई भी बैंक सरकारी पेंशनभोगी के खाते से अतिरिक्त भुगतान की राशि बिना पहले से सूचना दिए नहीं वसूल सकेगा। यदि बैंक को लगता है कि किसी पेंशनर के खाते में जरूरत से ज्यादा राशि जमा हो गई है, तो रिकवरी से पहले उसे संबंधित व्यक्ति को नोटिस देना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य पेंशनभोगियों को पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया उपलब्ध कराना है।
आपत्ति दर्ज कराने का विकल्प भी रहेगा
नए दिशा-निर्देशों के तहत बैंक को नोटिस में यह भी बताना होगा कि अतिरिक्त भुगतान कब, कैसे और किस कारण से हुआ। केवल दावा करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि बैंक को पूरी गणना (कैलकुलेशन शीट) भी उपलब्ध करानी होगी, ताकि पेंशनभोगी स्वयं यह जांच सकें कि बैंक की ओर से बताई गई अतिरिक्त राशि सही है या नहीं। यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो, तो वे समय रहते अपनी आपत्ति भी दर्ज करा सकें।
राशि की कटौती की योजना भी बतानी होगी
इतना ही नहीं, बैंक को रिकवरी की पूरी योजना भी पहले से बतानी होगी। यानी कितनी राशि वापस ली जाएगी, किस तारीख से कटौती शुरू होगी और यह कटौती एकमुश्त होगी या किस्तों में की जाएगी। इससे वरिष्ठ नागरिक अपने मासिक खचों की बेहतर योजना बना सकेंगे और अचानक वित्तीय संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा करने वाला कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा करेगा। अब तक कई पेंशनभोगियों की शिकायत रहती थी कि बिना किसी जानकारी के खाते से पैसे काट लिए जाते थे और बाद में बैंक से कारण जानने के लिए उन्हें बार-बार शाखा के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, यह फैसला वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है।