आधार नहीं, अब इन दस्तावेजों से तय होगी उम्र, तभी मिलेगी वृद्धावस्था पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु सत्यापन के बदले नियम, परिवार रजिस्टर और शैक्षिक अभिलेखों को दी गई प्राथमिकता
6 जून 2026
प्रयागराज। वृद्धावस्था पेंशन के आवेदकों की आयु का सत्यापन केवल आधार कार्ड के आधार पर नहीं किया जा सकता। समाज कल्याण विभाग ने पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया में बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार आवेदक की उम्र का सत्यापन परिवार रजिस्टर या शैक्षिक अभिलेखों में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर किया जाएगा। यह व्यवस्था केवल नए आवेदकों पर लागू होगी।
विभाग ने बताया कि कई मामलों में आधार कार्ड और अन्य अभिलेखों में दर्ज जन्मतिथि में अंतर मिलने से विवाद की स्थिति बन रही थी। अब वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन करने वाले व्यक्तियों को परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति, कुंडली रजिस्टर अथवा हाईस्कूल या समकक्ष शैक्षिक प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। इन अभिलेखों में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर ही आवेदक की आयु निर्धारित की जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने से अपात्र व्यक्तियों के आवेदन पर रोक लग सकेगी और वास्तव में जरूरतमंद बुजुर्गों को समय पर पेंशन का लाभ मिल सकेगा।
शहरी क्षेत्र के आवेदकों के लिए यह होंगे मान्य दस्तावेज :
शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले आवेदकों के लिए मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और शैक्षिक अभिलेख में दर्ज जन्मतिथि के अनुसार ही पात्रता की पुष्टि की जाएगी।
14 मार्च 2026
लखनऊ: वृद्धावस्था पेंशन आवेदन के नियमों में बदलाव किया गया है। अब आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को आयु प्रमाण पत्र के रूप में मान्य नहीं माना जाएगा। यह संशोधन केंद्र सरकार के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग ने पुराने शासनादेश में किया है।
पहले आवेदक परिवार/कुटुम्ब रजिस्टर की प्रमाणित प्रति, जन्मतिथि अंकित शैक्षिक प्रमाण पत्र या आधार कार्ड के आधार पर आयु प्रमाणित कर सकता था।
संशोधित शासनादेश के अनुसार अब केवल परिवार/कुटुम्ब रजिस्टर की प्रमाणित प्रति या जन्मतिथि वाले शैक्षिक प्रमाण पत्र की प्रमाणित छायाप्रति ही स्वीकार होगी। यह आदेश अपर मुख्य सचिव एल. वेंकटेश्वर लू द्वारा जारी किया गया है।