भर्ती के लिए चयन वर्ष में बदलाव, शासनादेश जारी
भर्ती के लिए चयन वर्ष की गणना जुलाई के बजाय जनवरी से
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने भर्ती के लिए चयन वर्ष में बदलाव कर दिया है। चयन वर्ष की गिनती अब एक जनवरी से 12 माह तक यानी दिसंबर तक की जाएगी। अभी चयन वर्ष एक जुलाई से शुरू होता है। नया चयन वर्ष एक जनवरी 2027 से प्रभावी माना जाएगा। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती का वर्ष परिभाषा का प्रतिस्थापना) नियमावली-2026 जारी की। पुरानी नियमावली 2026-27 एक जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक सीमित रहेगा।
लखनऊ। कैबिनेट यूपी में भर्ती और पदोन्नति के लिए रिक्तियों की गणना के लिए चयन वर्ष बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। चयन वर्ष अब एक जनवरी से 31 दिसंबर माना जाएगा। पहले एक जुलाई से 30 जून चयन वर्ष था। इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती का वर्ष की परिभाषा का प्रतिस्थापन) नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी गई है।
प्रदेश सरकार ने अधिक पदों पर भर्ती और पदोन्नति देने के लिए चयन वर्ष का बदलाव किया है। विभाग चयन वर्ष के आधार पर ही रिक्त पदों की गणना करते हैं। रिक्तियों की गणना के आधार पर ही भर्तियों के लिए आयोगों को प्रस्ताव भेजा जाता है और पदोन्नति के आरक्षित पदों पर पदोन्नतियां दी जाती हैं।
कार्मिक विभाग ने चयन वर्ष पहले एक जुलाई से 30 जून तय कर रखा था। विभागों द्वारा इसके आधार पर रिक्त होने वाले पदों की गणना की जा रही थी। राज्य सरकार का मानना है कि जब कैलेंडर वर्ष एक जनवरी से 31 दिसंबर है, तो चयन वर्ष भी इसके आधार पर ही तय होना चाहिए।
इसीलिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती का वर्ष की परिभाषा का प्रतिस्थापन) नियमावली में संशोधन करते हुए इसे नए सिरे से मंजूरी दी गई है। नियमावली में संशोधन संबंधी आदेश जारी होने के बाद नए चयन वर्ष के आधार पर पदों की गणना शुरू की जाएगी।

