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Friday, May 8, 2026

स्वगणना शुरू, घर बैठे भरें जनगणना फार्म, 22 मई से जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर परिवारों का जुटाएंगे डाटा

जनगणना : 11 अंकों की SE-ID क्यों है जरूरी? अब घर बैठे खुद भर सकेंगे स्वगणना का फॉर्म, जानिए क्या है H नंबर और क्यों है जरूरी?

उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में आज यानी 7 मई से जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत हो गई है। इस बार पहली बार लोगों को “स्वगणना” यानी खुद ऑनलाइन जनगणना फॉर्म भरने की सुविधा दी गई है। अब लोगों को शुरुआत में किसी सरकारी कर्मचारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वे मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे अपनी पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

सरकार ने इसके लिए 7 मई से 21 मई 2026 तक ऑनलाइन स्वगणना की सुविधा शुरू की है। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक (गणनाकर्मी) घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे और जिन लोगों ने ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा होगा, उनसे सीधे जानकारी जुटाएंगे।

इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम भूमिका “एच” अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की एसईआईडी निभाएगी। यह नंबर फॉर्म सबमिट करने के बाद मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार यह कोई ओटीपी नहीं है, बल्कि आपकी ऑनलाइन भरी गई जानकारी का सत्यापन कोड है। इसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होगा और केवल आधिकारिक गणनाकर्मी को ही दिखाना होगा।

स्वगणना करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर और परिवार के मुखिया के नाम से रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद ओटीपी सत्यापन, भाषा चयन और घर का पूरा पता भरना होगा। लोगों को मैप पर अपने घर की सही लोकेशन भी मार्क करनी होगी। इसके बाद 33 सवालों का फॉर्म भरना होगा जिसमें मकान की स्थिति, बिजली-पानी, शौचालय, इंटरनेट, टीवी, मोबाइल और परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।

सरकार का कहना है कि यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित होगी। इस बार डिजिटल मैपिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एन्क्रिप्शन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि डेटा जल्दी और सुरक्षित तरीके से तैयार किया जा सके। अधिकारियों ने साफ किया है कि जनगणना का नागरिकता से कोई संबंध नहीं है। इसका उद्देश्य केवल विकास योजनाओं के लिए सही आंकड़े जुटाना है।

जनगणना विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें और गणनाकर्मी आने पर उनका पहचान पत्र जरूर जांचें। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद मिलने वाली एसईआईडी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।


स्व-गणना (Self-Enumeration) के मुख्य चरण:

पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in पर लॉग-इन करें।

पंजीकरण: परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें। एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का पंजीकरण संभव है।

सत्यापन: मोबाइल पर आए OTP के जरिए सत्यापन करें और अपनी भाषा का चुनाव करें।

लोकेशन: अपना पता भरें और डिजिटल मैप पर अपने घर को ‘लाल मार्कर’ से चिह्नित करें।

प्रश्नावली: घर की स्थिति, सुविधाओं और संपत्ति से जुड़े कुल 33 सवालों के जवाब दें।

SE-ID प्राप्त करें: फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको 11 अंकों की SE-ID (H-अक्षर से शुरू होने वाली) मिलेगी। इसे संभाल कर रखें।


स्वगणना आज से शुरू, घर बैठे भरें जनगणना फार्म, 22 मई से जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर परिवारों का जुटाएंगे डाटा



कल से शुरू होगी जनगणना, 21 मई तक स्वयं ऑनलाइन भरें फार्म, 22 मई से घर-घर पहुंचेंगे गणनाकर्मी

स्वगणना में याद रखें एच से शुरू होने वाला नंबर, यही है असली कुंजी, जनगणना पोर्टल पर दर्ज करें जानकारी

6 मई 2026
लखनऊ : प्रदेश में गुरुवार से जनगणना-2027 की शुरुआत होने जा रही है। पहली बार होने वाली डिजिटल जनगणना में सात मई से लोगों को स्वगणना की सुविधा दी गई है, जिससे वह घर बैठे जनगणना फार्म खुद भर सकेंगे। इस प्रक्रिया में मिलने वाली 'एच' अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की एसई-आइडी सबसे महत्वपूर्ण होगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है। यह कोई ओटीपी नहीं है बल्कि आपके द्वारा दी गई जानकारी के सत्यापन की मुख्य कुंजी होगी, जिसे 22 मई से घर-घर पहुंचने वाले गणनाकर्मियों के साथ ही साझा करना है।

स्वगणना का विकल्प 21 मई तक उपलब्ध होगा। जो लोग इस अवधि में आनलाइन विवरण नहीं भर पाएंगे, वे 22 मई से घर आने वाले गणनाकर्मियों को अपनी जानकारी दे सकेंगे। जनगणना सभी के लिए अनिवार्य है। स्वगणना के लिए पोर्टल सबसे पहले आधिकारिक (https://se.census.gov.in) पर जाकर मोबाइल फोन नंबर और नाम के जरिये पंजीकरण करना होगा। इसके बाद भाषा का चयन कर ओटीपी सत्यापन किया जाएगा। फिर पता दर्ज कर मानचित्र पर अपने घर को चिह्नित करना होगा। अंत में 33 सवालों की प्रश्नावली भरकर सबमिट करने पर एसई आइडी प्राप्त होगी। 

22 मई के बाद जब गणनाकर्मी घर पहुंचेंगे तो उनका पहचान पत्र देखने के बाद ही यह नंबर साझा करना होगा। यदि दी गई यह जानकारी रिकार्ड से मेल खाती है, तो डाटा स्वीकार कर लिया जाएगा, अन्यथा नई जानकारी दर्ज की जाएगी। जनगणना निदेशालय से जुड़े अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सभी स्वगणना में सहभागी बनें। यह किसी की नागरिकता का प्रमाण नहीं है, बल्कि विकास योजनाओं की नींव तैयार करने का आधार है। गणनाकर्मी का पहचान पत्र जरूर जांचें। यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है और जनगणना से जुड़ी सभी जानकारी गोपनीय रखी जाती है।

जनगणना में डिजिटल मैप और एआइ का उपयोग

जनगणना का पहला चरण हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का होगा। इसमें घरों की स्थिति, सुविधाएं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। दूसरा चरण फरवरी 2027 में देशभर में जनसंख्या गणना का होगा, जिसमें जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार, जातिगत, प्रवासन और प्रजनन से जुड़े आंकडे लिए जाएंगे। इस बार डिजिटल डाटा कलेक्शन, स्वगणना पोर्टल और जाति गणना जैसी नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। डिजिटल मैप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग किया गया है। इससे डाटा जल्दी जारी किया जा सकेगा। साथ ही, साइबर सुरक्षा और एन्क्रिप्शन के जरिये डाटा की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी गई है।



यूपी : जनगणना में सात मई से स्वगणना के लिए ऑनलाइन लिंक जारी

28 अप्रैल 2026
लखनऊः प्रदेश में जनगणना-2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के तहत सात मई से 21 मई तक स्व-गणना की सुविधा शुरू की जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत लोग घर बैठे आनलाइन अपने परिवार और मकान से जुड़ी पूरी जानकारी खुद भर सकेंगे। इसके लिए लिंक जारी कर दिया गया है।

स्व-गणना के लिए सबसे पहले ब्राउजर में https://se.census.gov.in वेबसाइट खोलनी होगी। इसके बाद स्टेट में उत्तर प्रदेश चुनकर कैप्चा भरना होगा। फिर परिवार के मुखिया के नाम और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज कर सत्यापन पूरा किया जाएगा। इसके बाद अपनी सुविधा के अनुसार हिंदी, अंग्रेजी या अन्य 16 भाषाओं में से किसी एक भाषा का चयन किया जा सकता है। फिर पता संबंधी जानकारी जैसे राज्य, जिला, गांव या शहर और मकान का विवरण भरना होगा। 

लोकेशन के लिए मैप पर अपने घर को लाल निशान से चिह्नित करना होगा। फार्म में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें घर का प्रकार (पक्का या कच्चा), बिजली-पानी की सुविधा, शौचालय, परिवार के सदस्यों की जानकारी और टीवी, मोबाइल, इंटरनेट जैसी संपत्त्यिों का विवरण शामिल है। यदि किसी सवाल को समझने में दिक्कत हो तो यहां जानकारी ली जा सकती है। सभी जानकारी भरने के बाद फार्म को ध्यान से जांचकर सबमिट करना होगा।



यूपी में सात मई से स्वगणना की शुरुआत, एक मोबाइल नंबर से एक परिवार का होगा पंजीयन, स्वगणना के बाद मिलेगी 11 अंकों की एसईआइडी 

22 मई से 20 जून तक घर-घर जाएंगे प्रगणक, पूछेंगे लोगों से 33 सवाल

लखनऊः जनगणना 2027 की प्रदेश में शुरुआत होने जा रही है। इस बार डिजिटल जनगणना में किसी के घर आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सात मई से लोग खुद अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे जनगणना की पूरी जानकारी भर सकेंगे। यह पहली बार हो रहा है, जब सरकार ने स्व-गणना की सुविधा शुरू की है, जिससे प्रक्रिया आसान, तेज और पारदर्शी बनेगी। जनगणना के पहले चरण में 21 मई तक स्वगणना की सुविधा रहेगी। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना के 33 सवाल पूछेंगे और स्वगणना का सत्यापन भी करेंगे। जो व्यक्ति जहां रहता है, उसकी गणना वहीं की जाएगी।


स्वगणना करने वाले लोग आनलाइन पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपने परिवार और घर से जुड़ी सभी जानकारी खुद भर सकेंगे। इसमें सबसे पहले पोर्टल पर जाकर राज्य का चयन करना होगा। इसके बाद परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आइडी (वैकल्पिक) दर्ज कर पंजीकरण करना होगा। एक मोबाइल नंबर से सिर्फ एक ही परिवार का पंजीयन हो सकेगा।

पंजीकरण के बाद मोबाइल पर आए ओटीपी से सत्यापन करना होगा। इसी दौरान अपनी पसंद की भाषा भी चुननी होगी, जिसे बाद में बदला नहीं जा सकेगा। इसके बाद अपने घर का पूरा पता भरना होगा। साथ ही मानचित्र पर लाल मार्कर को खींचकर अपने घर की सटीक लोकेशन भी तय करनी होगी। स्व-गणना के दौरान मकान और परिवार से जुड़े सभी सवालों के जवाब देने होंगे। 

आनलाइन फार्म जमा होते ही 11 अंकों की स्व-गणना पहचान संख्या (एसईआइडी) जारी होगी, जो एसएमएस या ई-मेल के जरिये मिलेगी। स्वगणना के बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। जिन्होंने पहले ही आनलाइन जानकारी भर दी है, उन्हें अपनी एसईआइडी दिखानी होगी। यदि जानकारी सही पाई जाती है, तो उसे तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा।

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