यूपी में पंचायत चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर
6 महीने के लिए ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया गया, आदेश जारी
26 मई के बाद ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त होंगे वर्तमान प्रधान, यूपी शासन ने जारी किया आदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। पंचायती राज विभाग द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार वर्ष 2021 में गठित ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद नई ग्राम पंचायतों के गठन और प्रथम बैठक तक वर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्यभार सौंपा जाएगा।
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 12 के तहत ग्राम पंचायतों का कार्यकाल प्रथम बैठक की तिथि से पांच वर्ष तक निर्धारित है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि किसी कारणवश नई पंचायतों का गठन समय पर नहीं हो पाता है, तो प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार प्रशासक नियुक्त कर सकती है।
इसी क्रम में शासन ने निर्णय लिया है कि 27 मई 2026 से नई ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक होने अथवा अधिकतम छह माह की अवधि तक निवर्तमान ग्राम प्रधान ग्राम पंचायतों में प्रशासक के रूप में सामान्य कार्यों का संचालन करेंगे। हालांकि आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रशासक के रूप में कार्यरत प्रधान कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे।
विशेष परिस्थितियों में यदि किसी नीतिगत निर्णय की आवश्यकता होगी तो उसका प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
शासन के इस आदेश को पंचायतों में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आदेश की प्रतियां सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई हैं।