पूरे यूपी में 18 जुलाई से शुरू होगा परिसीमन कार्य, पंचायत वार्ड सूची 10 अगस्त तक
होने वाले पंचायत चुनाव के लिए वार्डों के परिसीमन का कार्य 18 जुलाई से शुरू होगा। नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद और नगर निगम के सृजन एवं सीमा विस्तार के कारण विकासखंडों की प्रभावित ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) के आंशिक परिसीमन का कार्य पूरा कर अंतिम सूची का प्रकाशन 10 अगस्त तक किया जाएगा। मंगलवार को प्रमुख सचिव, पंचायतीराज अनिल कुमार की ओर से वार्डों के आंशिक परिसीमन का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया।
पंचायतीराज विभाग की ओर से जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार 18 जुलाई से 22 जुलाई तक ग्राम पंचायतवार जनसंख्या का अवधारण सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के वार्डों की प्रस्तावित सूची की तैयारी व उसका प्रकाशन 23 जुलाई से लेकर 28 जुलाई तक किया जाएगा। प्रस्तावित वार्डों की सूची पर आपत्तियां 29 जुलाई से लेकर दो अगस्त तक प्राप्त की जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण तीन अगस्त से लेकर पांच अगस्त तक किया जाएगा। वहीं वाडों की अंतिम सूची का प्रकाशन छह अगस्त से लेकर 10 अगस्त तक किया जाएगा।
दरअसल राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 18 जुलाई से मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य शुरू हो रहा है। 14 अगस्त से बीएलओ घर-घर जाकर गणना करेंगे। ऐसे में वार्डों के परिसीमन का कार्य भी 18 जुलाई से शुरू हो जाएगा।
एक हजार की आबादी पर नौ वार्ड का मानक
यूपी में पंचायत चुनावों के लिए वार्डों के परिसीमन का कार्य शुरू किया जाएगा। 1000 की जनसंख्या पर वाडाँ की संख्या नौ होगी, 1000 से 2000 के बीच जनसंख्या होने पर 11 वार्ड, 2001 से लेकर 3000 तक जनसंख्या पर 13 वार्ड और 3001 व उससे अधिक जितनी भी जनसंख्या हो 15 वार्ड बनाए जाएंगे। फिलहाल, 504 ग्राम पंचायतें घटी हैं और अब इनकी संख्या घटकर 57695 हो गई हैं। ग्राम पंचायतों में अभी 731811 वार्ड हैं और करीब 4608 वार्ड घटेंगे। अब करीब 7.27 लाख ग्राम पंचायत वार्ड होंगे।
प्रयास रहेगा कि एक परिवार एक ही वार्ड में रहे
क्षेत्र पंचायतों के 75855 वार्ड हैं और इसमें से करीब 250 और जिला पंचायत के 3051 वार्ड अभी हैं और इसमें से 12 वार्ड घट सकते हैं। एक परिवार एक ही वार्ड में रहे इस पर पूरा जोर दिया जाएगा। जनसंख्या के अनुसार, वाडों के निर्धारण को लेकर अगर किसी को भी कोई आपत्ति होगी तो जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति उस पर सुनवाई करेगी।
मतदाता बनाने के लिए घर-घर दरवाजा खटखटाएंगे बीएलओ, 14 अगस्त से अभियान होगा प्रारंभ
पंचायत चुनाव में 800 मतदाताओं पर एक बूथ लेवल ऑफिसर तैनात
लखनऊ। पंचायत चुनाव में मतदाता बनाने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाएंगे। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रति 800 मतदाताओं पर एक बीएलओ तैनात किया है। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले यानी 14 अगस्त से यह अभियान प्रारंभ होगा।
प्रदेश की 57694 ग्राम पंचायतों, 826 क्षेत्र पंचायतों और 75 जिला पंचायतों के लिए अगले साल अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं। इसके लिए व्यापक तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। 1 जनवरी 2025 को जिन युवाओं की उम्र 18 वर्ष हो चुकी है, वे इस चुनाव में वोट देने के योग्य माने जाएंगे। पुराने मतदाताओं का सर्वे और नए मतदाता बनाने के लिए 14 अगस्त से 29 सितंबर तक अभियान चलेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्याधिकारी और विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा बताते हैं कि बीएलओ घर-घर जाकर लोगों को मतदाता बनने के लिए जागरूक करेंगे। प्रयास रहेगा कि डेढ़ माह लंबे चलने वाले इस अभियान में एक भी पात्र व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल होने से वंचित न रहे। मतदाता बनने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं, जिनकी बीएलओ घर-घर जाकर जांच करेंगे।
पंचायत चुनावों हेतु मतदाता सूची में संशोधन छह अक्तूबर तक करा सकेंगे
लखनऊ, त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत निर्वाचक गणना पत्रक के आधार पर परिवर्तन, संशोधन की अवधि 30 सितंबर से छह अक्तूबर तक होगी।
कंप्यूटरीकृत पांडुलिपियां तैयार करने का कार्य सात अक्तूबर से 24 नवंबर तक होगा। मतदान केंद्रों व स्थलों के क्रमांकन, मतदाता क्रमांकन, वार्डों की मैपिंग का कार्य 25 नवंबर से चार दिसंबर तक होगा। पांच दिसंबर को अनन्तिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
एक जनवरी 2025 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं के दावे व आपत्तियां स्वीकार करने का कार्य छह दिसंबर से 12 दिसंबर तक किया जाएगा। दावे व आपत्तियों का निस्तारण 13 दिसंबर से 19 दिसंबर तक होगा।
सूचियों की कंप्यूटरीकरण की तैयारी व उन्हें मूल सूची में यथा स्थान सम्मिलित करने की कार्यवाही 24 दिसंबर से लेकर आठ जनवरी 2026 तक होगी। मतदाता सूची को डाउनलोड व उसकी फोटो प्रतियां तैयार करने का कार्य नौ जनवरी से 14 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। वहीं अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव वोटर लिस्ट पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी, देखें