State Transformation Commission Uttar Pradesh
यूपी में पूर्व मुख्य सचिव मनोज सिंह को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन का जिम्मा, नीति आयोग की तर्ज पर हुआ है गठन, जानिए विस्तार से
पूर्व मुख्य सचिव वर्ष 1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे मनोज कुमार सिंह को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नामित किया है।
यूपी में एक बार फिर पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की वापसी हो गई। योगी सरकार ने 1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे मनोज कुमार सिंह को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नामित किया है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। मनोज कुमार सिंह सोमवार को सीईओ का कार्यभार ग्रहण करेंगे। प्रदेश की योजनाएं बनाने, भौतिक और वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए यह पद काफी महत्वपूर्ण है।
केंद्र में पहले योजना आयोग और उत्तर प्रदेश में राज्य योजना आयोग हुआ करता था। नीति आयोग की तर्ज पर इसका नाम बदल कर उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन कर दिया गया है। मनोज कुमार सिंह को इसका पहला सीईओ बनाया गया है। उनकी भूमिका योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्षों की तरह ही राज्य के प्रशासनिक सुधारों और योजनाओं की दिशा तय करने की होगी, जैसा कि केंद्र में नीति आयोग करता है।
प्रमुख सचिव नियोजन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मनोज कुमार सिंह को देय वेतन-मानदेय, भत्ते और अन्य अनुमन्य सुविधाओं से संबंधित आदेश अलग से जारी किया जाएगा। मनोज कुमार सिंह 31 जुलाई 2025 को मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह 30 जून 2024 को मुख्य सचिव बने थे। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बेहद करीबी अधिकारी माना जाता है। भाजपा सरकार में वह प्रमुख सचिव नगर विकास, ग्राम विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, कृषि उत्पादन आयुक्त और औद्योगिक विकास आयुक्त भी रह चुके हैं।
योजनाओं को परखेगा स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन का मूल्यांकन प्रखंड, यूपी के विकास को मिलेगी रफ्तार
यूपी में नीति आयोग की तर्ज पर गठित स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के तीन घटक होंगे। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। वहीं सेक्टोरल वर्टिकल प्रखंड के अंतर्गत सात सेक्टर शामिल होंगे। जिससे उत्तर प्रदेश के विकास और अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।
लखनऊ। State Transformation Commission नीति आयोग की तर्ज पर राज्य आयोग को पुनर्गठित कर बनाये गए स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन (एसटीसी) में तीन घटक होंगे। इनमें प्रशासन एवं लेखा प्रखंड, मूल्यांकन प्रखंड और सेक्टोरल वर्टिकल प्रखंड शामिल होंगे। नियोजन विभाग एसटीसी का सचिवालय होगा।
नीति आयोग की तर्ज पर हुआ है स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन का गठन
नियोजन विभाग ने एसटीसी के गठन के बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। गौरतलब है कि योगी सरकार ने बीती 27 सितंबर को नीति आयोग की तर्ज पर प्रदेश में स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के गठन का निर्णय किया था।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित किया गया एसटीसी राज्य की नीतियों के निर्धारण के लिए थिंक टैंक और ज्ञान के भंडार के रूप में काम करेगा। राज्य के भौतिक, वित्तीय और जन संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के लिए सुझाव देगा।
अगले पांच वर्षों में उप्र की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डालर का आकार देने की दिशा में भी काम करेगा। सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली में परिणाम आधारित कार्यपद्धति को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेगा।
राज्य के विकास के लिए नीतियों में नए ज्ञान, दक्षताओं और नवाचारों का भी समावेश करेगा। अधिसूचना के अनुसार प्रशासन एवं लेखा प्रखंड में अधिष्ठान व लेखा से संबंधित काम होंगे।
यह प्रखंड पहले की तरह काम करेगा और अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव नियोजन के अधीन होगा। मूल्यांकन प्रखंड नीति आयोग के डेवलपमेंट, मानीटरिंग एंड इवैल्यूएशन आफिस की तरह योजनाओं के सतत मूल्यांकन का काम करेगा।
सेक्टोरल वर्टिकल प्रखंड के अंतर्गत सात सेक्टर होंगे। इनमें अर्थव्यवस्था एवं वित्त, कृषि एवं संवर्गीय, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, सोशल सेक्टर, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं इमर्जिंग सेकटर, समन्वय और नगरीय विकास सेक्टर शामिल हैं।
स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन में राज्य योजना आयोग में कार्यरत कार्मिकों में से अपर निदेशक के दो, संयुक्त निदेशक के तीन, वरिष्ठ शोध अधिकारी के पांच, शोध अधिकारी के आठ, अपर शोध अधिकारी के तीन, सहायक शोध अधिकारी के चार पदधारक पुनर्गठन में निहित कार्यों के लिए सेवाएं प्रदान करेंगे।
स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के तहत अपनी सेवाएं देंगे कार्मिक
राज्य योजना आयोग के शेष कार्मिक नियोजन विभाग के अधीन पहले की तरह सेवाएं देते रहेंगे। मूल्यांकन प्रखंड के अंतर्गत राज्य नियोजन संस्थान के मूल्यांकन प्रभाग के अधीन सभी कार्मिक स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के तहत अपनी सेवाएं देंगे। स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन में अपेक्षित कौशल रखने वाले परामर्शदाताओं, डाटा रिसोर्स पर्सन को आवश्यकतानुसार रखा जाएगा।