पेंशन से जुड़े मामलों में बेटी का नाम नहीं जायेगा हटाया, नियमों को लेकर केंद्र सरकार ने भ्रम किया दूर, पात्रता की जांच बाद में होगी
कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए यह खबर राहत की सांस जैसी है। बीते महीनों में पेंशन से जुड़ी फाइलों में एक अजीब सिलसिला चल पड़ा था — कई मामलों में बेटियों के नाम पारिवारिक सूची से रहस्यमय ढंग से गायब हो रहे थे। शिकायतें बढ़ीं, सवाल उठे, और अब आखिरकार केंद्र सरकार ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है।
कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए यह खबर राहत की सांस जैसी है। बीते महीनों में पेंशन से जुड़ी फाइलों में एक अजीब सिलसिला चल पड़ा था — कई मामलों में बेटियों के नाम पारिवारिक सूची से रहस्यमय ढंग से गायब हो रहे थे। शिकायतें बढ़ीं, सवाल उठे, और अब आखिरकार केंद्र सरकार ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है।
DoPPW के अनुसार —
“जैसे ही किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा निर्धारित प्रारूप में बेटी का नाम परिवार के सदस्य के रूप में दर्ज कर दिया जाता है, वह परिवार की सदस्य मानी जाएगी। इसलिए उसका नाम सूची से हटाया नहीं जाएगा। परिवार पेंशन की पात्रता का निर्णय केवल पेंशनर या परिवार पेंशनर के निधन के बाद ही किया जाएगा।”
इसका सीधा मतलब यह है कि बेटी का नाम सूची में बना रहेगा — भले ही उस समय वह परिवार पेंशन की पात्र न हो। पात्रता की जांच बाद में होगी, लेकिन नाम अब कभी नहीं हटाया जाएगा।
बेटी का नाम परिवार के विवरण से न हटाया जाए
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेंशन नियमों को लेकर एक अहम स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने कहा है कि किसी भी पेंशनभोगी या सरकारी कर्मचारी को अपनी बेटी का नाम परिवार के विवरण से हटाने की जरूरत नहीं है।
पेंशन और पेंशन भोगी कल्याण विभाग ने साफ कहा कि बेटी का नाम परिवार सूची में हमेशा दर्ज रहना चाहिए, भले ही वह पारिवारिक पेंशन की पात्र न हो। हाल के दिनों में कई दफ्तरों में यह भ्रम फैल गया था कि यदि बेटी विवाहित है या किसी कारणवश पारिवारिक पेंशन की पात्र नहीं है, तो उसे परिवार सूची से हटा दिया जाना चाहिए। इस पर विभाग ने स्पष्ट किया कि नाम हटाने की प्रक्रिया नियमों के विरुद्ध है।
पेंशन व पेंशन भोगी कल्याण विभाग ने अपने आदेश में कहा नियम 50(15) के अनुसार प्रत्येक कर्मचारी को अपनी सेवा के दौरान या सेवानिवृत्ति के समय परिवार के सभी सदस्यों के नाम देने होते हैं चाहे वे पारिवारिक पेंशन पाने के पात्र हों या नहीं।
पेंशन बाद में तय होगी: विभाग ने यह भी कहा कि किसी भी सदस्य की पेंशन की पात्रता का निर्णय केवल पेंशनभोगी के निधन के बाद किया जाएगा। यदि उस समय बेटी नियमानुसार पात्र पाई जाती है, तो उसे पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलेगा।