केंद्रीय कर्मियों को CGHS के तहत अब 10 लाख तक का इलाज
मंत्रालय ने केंद्रीयकर्मियों के इलाज के बाद भुगतान की राशि दोगुनी की
अब तक विभाग प्रमुख की स्वीकृति से होता था पांच लाख तक भुगतान
प्रयागराज । केंद्र सरकार के कर्मचारी अब सीजीएचएस (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) के जरिए 10 लाख रुपये तक का इलाज करा सकेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गंभीर रोगियों के इलाज की राशि पांच से बढ़ाकर 10 लाख कर दी है।
अब तक विभाग प्रमुख के पास पांच लाख रुपये तक के इलाज की स्वीकृति देने का अधिकार था। लगभग दस साल बाद स्वास्थ्य विभाग ने राशि को दोगुना किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 23 नवंबर 2016 को विभाग प्रमुखों को दो से पांच लाख रुपये तक की स्वीकृति का अधिकार दिया था। जिसे अब दस लाख किया गया है। नए आदेश के अनुसार इलाज में 10 लाख से अधिक व्यय होने पर केंद्र सरकार की ओर से नामित अधिकारी से अनुमति लेनी पड़ेगी। केंद्र सरकार की अनु सचिव हेमलता सिंह ने सभी विभागों को यह आदेश भेजा है।
आल इंडिया ऑडिट एंड अकाउंट्स पेंशनर्स एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष सुभाष चंद्र पांडेय ने बताया कि कर्मचारियों को बेहतर इलाज के लिए अक्सर सीजीएचएस के पैनल के वेलनेस सेंटर बड़े अस्पतालों में रेफर करते हैं। बड़े अस्पतालों में इलाज पर पांच लाख तक की अदायगी विभाग प्रमुख के स्तर से होती थी। अब विभाग प्रमुख 10 लाख तक के इलाज की स्वीकृति देंगे। नया आदेश सिर्फ कर्मचारियों के लिए है।
CGHS: 42 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत, 10 लाख तक इलाज का खर्च तत्काल मंजूर; अब स्वीकृति का झंझट नहीं
फिलहाल सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए इलाज की सीमा दो से पांच लाख रुपये तक थी। यह बदलाव दस साल पहले हुआ था। अब इलाज खर्च की इस सीमा को बढ़ाकर पांच से दस लाख रुपये कर दिया गया है।
केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के तहत केंद्र ने 42 लाख से ज्यादा लभार्थियों को बड़ी राहत प्रदान की है। अगर किसी लाभार्थी के इलाज का खर्च पांच से दस लाख रुपये तक आता है तो इसकी फाइल बिना किसी देरी के स्वीकृत हो जाएगी। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यरत विभागाध्यक्ष ही यह मंजूरी प्रदान कर सकेंगे। उन्हें संबंधित मंत्रालय/विभाग के आंतरिक वित्त प्रभाग (आईएफडी) के पास फाइल नहीं भेजनी पड़ेगी। इससे लाभार्थी को बड़ी मदद मिलेगी। उसे अपनी फाइल की स्थिति जानने के लिए संबंधित डेस्क पर भागदौड़ करने से भी छुटकारा मिल जाएगा।
मौजूदा समय में इलाज की सीमा
फिलहाल सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए इलाज की सीमा दो से पांच लाख रुपये तक थी। यह बदलाव दस साल पहले हुआ था। अब इलाज खर्च की इस सीमा को बढ़ाकर पांच से दस लाख रुपये कर दिया गया है। हालांकि लाभार्थी को इलाज का खर्च खुद से वहन करना होगा, लेकिन बाद में विभाग द्वारा उस राशि की त्वरित भरपाई कर दी जाएगी।
पहले हो जाती थी देरी
सीजीएचएस में पहले इस तरह के खर्च वाली फाइल को एचओडी सीधे ही मंजूरी नहीं देते थे। उससे पहले फाइल को आईएफडी के पास भेजना पड़ता था। वहां से फाइल को मंजूरी मिलने में देरी हो जाती थी। फाइल में मेडिकल बिल व दूसरे दस्तावेज ठीक हैं या नहीं, ये चेक होता था। कुछ गलतियां निकलती तो उन्हें ठीक करने में समय लगता था।