01 अप्रैल से लागू होगा नया आयकर अधिनियम 2025, छह दशक पुराने कर कानून की जगह लेगा
संशोधित आयकर रिटर्न मार्च तक भरने का मौका मिलेगा
नई दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च करने का प्रस्ताव किया। मामूली शुल्क भुगतान कर आयकरदाता इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
आयकर की स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यह पहले जैसी ही रहेगी। रिटर्न फाइल करने की तारीखों को अलग-अलग किया गया है। आईटीआर-1 और आईटीआर-2 भरने वाले लोग पहले की तरह 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करेंगे। वहीं जिन कारोवारों का ऑडिट नहीं होता साथ ही ट्रस्ट्स को 31 अगस्त तक का समय दिया जाएगा।
करदाताओं को राहत देने के लिए यह भी कहा गया है कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से मिलने वाला ब्याज अब आयकर से मुक्त होगा। साथ ही इस पर टीडीएस भी नहीं काटा जाएगा। नया फॉर्म प्रत्यक्ष कर कानूनों को समझने में सरल बनाया है। इससे अस्पष्टताओं को दूर किया है, जिससे मुकदमों की गुंजाइश कम हुई है।
सरकार ने विवादों को कम करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब अगर आपके खिलाफ टैक्स विभाग की जांच की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, तब भी आपको अपना आईटीआर अपडेट करने की अनुमति होगी। पहले नोटिस मिलने के बाद रिटर्न में सुधार का मौका नहीं मिलता था, लेकिन अब आप 10% अतिरिक्त टैक्स देकर अपनी गलती सुधार सकेंगे।