विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को लेकर बूथ पर बीएलओ के 10 बजे से 12 बजे तक प्रत्येक कार्यदिवस में उपस्थित रहने की अनिवार्यता समाप्त, देखें आदेश
19 फरवरी 2026
बूथों पर 27 फरवरी तक दो घंटे मौजूद रहेंगे बीएलओ, एसआईआर फॉर्म भरने में करेंगे मदद, आपत्तियों के लिए केवल तीन दिन बाकी, इसके बाद सुनवाई
04 फरवरी 2026
लखनऊ। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के लिए 27 फरवरी तक सभी बूथों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक मौजूद रहेंगे। उनके पास फॉर्म 6, 7 और 8 के साथ ड्राफ्ट मतदाता सूची, मतदाता सूची से काटे गए नामों की सूची, वर्ष 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा वोटर असिस्टेंट बूथ भी स्थापित किए जाएंगे। मतदाता अपने बूथ पर जाकर मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दी।
उन्होंने बताया कि आगामी 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराकर उनका निस्तारण किया जाएगा। जिन मतदाताओं की मैपिंग का कार्य अभी नहीं हो सका है, उन्हें नोटिस भेजकर अभिलेखीय साक्ष्य मांगे जा रहे हैं।
वहीं 6 फरवरी से 27 फरवरी तक नोटिस चरण में सुनवाई व सत्यापन के साथ दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा तथा 6 मार्च को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वह अपना मोबाइल नंबर इपिक नंबर के साथ लिंक करा लें।
वहीं दूसरी ओर उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन महिलाओं ने भारतीयों से शादी की है, उन्हें मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिकता लेनी होगी। इसके बाद ही वह मतदाता बनने के लिए आवदेन कर सकेंगे।
फॉर्म 7 के लिए दो नोटिस जाएंगे
फॉर्म 7 के बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इसमें जिसका नाम कटा है और जिसने फॉर्म जमा किया है, बीएलओ द्वारा दोनों को नोटिस भेजा जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति ने ही फॉर्म को भरा है।
SiR : मतदाताओं की सहायता के लिए अब BLO प्रत्येक कार्य में दिवस पूर्वाह्न 10 बजे से मध्याह्न 12 बजे तक अपने बूथ पर बैठेंगे
निर्वाचक नामावली का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026-बूथ लेवल अधिकारियों की मतदेय स्थलों पर उपस्थिति के सम्बन्ध में
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 : मतदाता सूची में पंजीकरण हेतु दिनांक 31 जनवरी, 2026 को विशेष अभियान
प्रदेश के समस्त बूथों पर बूथ लेवल अधिकारी पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक उपस्थित रहेंगे
SIR : विशेष अभियान तिथि 01.02.2026 (रविवार) को संत रविदास जयंती होने के कारण विशेष अभियान दिवस आयोजित नहीं होगा।
(प्रेस विज्ञप्ति)
लखनऊ 26 जनवरी, 2026 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत मतदाताओं की सुविधा के लिए दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान रविवार 18 जनवरी, 2026 को आयोजित विशेष अभियान दिवस के अतिरिक्त 31 जनवरी (शनिवार) एवं 01, फरवरी 2026 (रविवार) को भी प्रदेश के समस्त मतदेय स्थलों पर विशेष कैंपेन दिवस आयोजित किये जाने के निर्देश समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए थे। 01 फरवरी 2026 को संत रविदास जयंती होने के उपलक्ष्य में यह निर्णय लिया गया है कि उक्त दिवस को विशेष अभियान दिवस आयोजित नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर से सुविधानुसार एक विशेष अभियान दिवस आयोजित कर सकते हैं।
विशेष अभियान के दौरान निर्वाचन कार्य से जुड़े समस्त पदाधिकारी यथा मण्डलायुक्त/रोल ऑब्जर्वर, जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमणशील रहकर अभियान का कुशलतापूर्वक संचालन किया जाता है। इसके अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों द्वारा भी विभिन्न जनपदों में भ्रमण कर उक्त कार्यक्रम का पर्यवेक्षण किया जाता है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यों में लगे सभी अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि आलेख्य मतदाता सूची में परिलक्षित हो रही त्रुटियों को सही करने के लिए जमीनी स्तर पर लगकर कार्य करें। मतदाताओं की समस्याओं को गम्भीरता से सुनें और निवारण के लिए सही सुझाव दें।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिकतम शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में सम्मिलित होने से वंचित न रह जाए। आयोग की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील है कि वे अपने से संबंधित बूथ की मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि नाम सम्मिलित न हो अथवा किसी प्रकार की त्रुटि हो तो फार्म-6, 7 अथवा 8 भरकर दावे एवं आपत्तियां समयबद्ध रूप से दिनांक 6 फरवरी, 2026 तक ऑनलाइन या ऑफलाइन दर्ज कराएं, जिससे मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाया जा सके।
