Searching...
Thursday, February 26, 2026

आयकर फॉर्म में मकान मालिक के साथ रिश्ता भी बताना होगा, जारी किए गए मसौदा दस्तावेज के आधार पर अंतिम नियम एवं फॉर्म अगले महीने अधिसूचित किए जाएंगे

आयकर फॉर्म में मकान मालिक के साथ रिश्ता भी बताना होगा, जारी किए गए मसौदा दस्तावेज के आधार पर अंतिम नियम एवं फॉर्म अगले महीने अधिसूचित किए जाएंगे


नई दिल्ली । सरकार ने नए आयकर अधिनियम, 2025 के तहत मसौदा आयकर नियम और फॉर्म जारी किए हैं। नियमों के मसौदे के मुताबिक, नए फॉर्म 124 में करदाता को यह बताना होगा कि वह जिस मकान मालिक को किराया दे रहा है, उससे उसका कोई पारिवारिक या कोई अन्य संबंध तो नहीं है।

फिलहाल एचआरए का दावा करते समय कर्मचारी अपने नियोक्ता को किराये का अनुमानित विवरण देता है, लेकिन मकान मालिक के साथ संबंध का खुलासा करना अनिवार्य नहीं है। इन नए नियमों में किराया भत्ते के दावों में पारदर्शिता बढ़ाने, विदेशी आय पर कर क्रेडिट के दावों की कड़ी जांच और ऑडिटर की जिम्मेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव है। नया आयकर अधिनियम एक अप्रैल, 2026 से लागू होगा। 


सरकार ने हितधारकों के लिए नियमों का मसौदा एवं फॉर्म जारी किए हैं। इसके आधार पर अंतिम नियम एवं फॉर्म अगले महीने अधिसूचित किए जाएंगे। कर विशेषज्ञों का मानना है कि मकान मालिक और किरायेदार के बीच के संबंधों का खुलासा अनिवार्य किए जाने से फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए किराया दावों पर अंकुश लगेगा। जानकारी के मुताविक यह प्रावधान वास्तविक व्यवस्थाओं को प्रभावित किए बगैर कृत्रिम दावों की पहचान में मदद करेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनुचित दावों को खारिज करना आसान होगा।


किस-किस को देनी होगी यह जानकारी
अगर आप सालाना एक लाख से ज्यादा किराया किसी मकान मालिक को देते हैं, तो आपको फॉर्म 124 में मकान मालिक के साथ अपना रिश्ता बताना होगा। यह नियम उन मामलों पर लागू होगा, जहां किराया पति या पत्नी, माता-पिता, भाई-बहन या दूसरे रिश्तेदारों को दिया जा रहा है।

परिवार को मकान का किराया देना अब भी मान्य
नए नियम में परिवार के सदस्य को किराया देने पर रोक नहीं है। आप एचआरए छूट का दावा कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है वैध किराया अनुबंध, किराया नगद की बजाय बैंक ट्रांसफर के जरिए देना होगा। मकान मालिक की तरफ से उस किराये की आय को अपने आयकर रिटर्न में दिखाना होगा।

कौन सी जानकारी मुहैया करानी होगी
एचआरए का दावा करते समय वेतनभोगी करदाताओं को मकान मालिक की ये जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी-नाम, पता, पैन, मकान मालिक से संबंध। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि रिश्तेदारों को दिए गए किराए के लिए एचआरए दावा असली और सत्यापित है।

जानकारी नहीं देने का नतीजा क्या होगा
अगर कोई करदाता यह जानकारी नहीं देता या फर्जी दावा करता है, तो इसे आय की गलत रिपोर्टिंग माना जा सकता है। इसके लिए आयकर अधिनियम 2025 की धारा 439 के तहत टैक्स चोरी की राशि के 200% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। भुगतान या मकान मालिक की आय में गड़बड़ी मिलने पर नोटिस भी मिल सकता है।


ये भी बदला

ऑडिटर की भूमिका और सख्त की गई 
नियमों के मसौदे में विदेशी आय पर कर क्रेडिट के दावों के खुलासे के लिए ऑडिटर के साथ कंपनियों की भी जवाबदेही बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। अब विदेशी टैक्स कटौती प्रमाणपत्र, भुगतान का प्रमाण, विनिमय दर रूपांतरण और कर संधि की पात्रता की स्वतंत्र जांच करनी होगी।

2 कंपनियों के लिए सख्त हुई पैन आवेदन की प्रक्रिया
सौदा प्रस्ताव में कंपनियों के लिए पैन आवेदन प्रक्रिया भी सख्त की गई है। अब आवेदन करते समय यह घोषणा देना अनिवार्य होगा कि कंपनी के पास पहले से से कोई पैन नहीं है। शाखाओं, परियोजना कार्यालयों पहले से पैन होने की स्थिति में दोहराव से बचने के लिए आंतरिक जांच जरूरी होगी।

3 ऑडिटर की आपत्ति का असर बताना अनिवार्य होगा
यह अनिवार्य किया गया है कि वैधानिक ऑडिटर की रिपोर्ट में यदि कोई प्रतिकूल टिप्पणी, अस्वीकरण है तो उसका आय, हानि या बुक प्रॉफिट पर प्रभाव स्पष्ट किया जाए। यदि राजस्व मान्यता, शेयर मूल्यांकन या प्रावधान में कमी पर आपत्ति दर्ज होती है, तो कर ऑडिटर को देखना होगा कि इससे कर-योग्य आय को कम करके तो नहीं दिखाया गया।


संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्चतम न्यायालय उच्‍च शिक्षा उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्सा प्रतिपूर्ति चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य छात्रवृत्ति जनवरी जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मंहगाई भत्ता मत्‍स्‍य महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स