लखनऊ। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए इसे आधार से जोड़ा जाएगा। आवेदन के समय माता-पिता और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मृतक का आधार नंबर लिया लेकर उस पर डाला जाएगा। विभागों को जल्द निर्देश जारी किया जाएगा।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता वाली बैठक में तय किया गया है कि राज्य की योजनाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए जन्म-मृत्यु की घटनाओं के त्वरित सत्यापन करना जरूरी है, इसीलिए इन दोनों प्रमाण पत्रों को सीआरएस पोर्टल से लिंक किया जाएगा। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधित) अधिनियम 2023 की धारा-4 में दिए गए प्रावधानों के आधार पर इसका डेटा राज्य स्तर पर तैयार किया जाना है।
बैठक में चर्चा हुई कि प्रदेश में बड़ी संख्या में फर्जी एवं कूटरचित प्रमाण पत्र के मामले सामने आए हैं, इसलिए जन्म व मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को बेहतर बनाने की जरूरत है। सरकारी अस्पतालों द्वारा मां के डिस्चार्ज होने से पूर्व नवजात का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। निजी अस्पतालों द्वारा सूचना आईडी से ऑनलाइन दिया जाएगा। पत्रों में अभिभावक, आवेदक या मृतक का आधार अनिवार्य रूप से लिया जाएगा। एक साल से लटके मामलों में सीआरएस व वाद पोर्टल को लिंक किया जाएगा, जिससे प्रमाण पत्र बनवाने में बाधा न आए।