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Friday, February 20, 2026

यूपी पंचायत चुनाव की मतदाता सूची अब 15 अप्रैल को प्रकाशित होगी, दूसरी बार अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन का बढ़ा समय

पंचायत चुनाव की मतदाता सूची अब 15 अप्रैल को प्रकाशित होगी, दूसरी बार अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन का बढ़ा समय

26 मई को कार्यकाल पूरा होगा, समय पर चुनाव चुनौती

19 फरवरी 2026
लखनऊ। यूपी में पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 अप्रैल को होगा। दूसरी बार अंतिम सूची की तिथि बढ़ाई गई है। पहले यह तारीख छह फरवरी से बढ़ाकर 28 मार्च की गई थी। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है।

गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अंतिम सूची प्रकाशन का समय बढ़ाए जाने का आदेश जारी कर दिया गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजप्रताप सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार अभी तक मतदाता सूची को कंप्यूटरीकृत किए जाने, राज्य मतदाता नंबर जारी करने व मतदेय स्थलों की मैपिंग का कार्य 27 मार्च तक होना था। अब इसे भी बढ़ाकर 13 अप्रैल कर दिया गया है। फिर 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 

यूपी की सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), बोर्ड की परीक्षाएं व अन्य कार्यों में प्रशासनिक मशीनरी के व्यस्त होने और बीएलओ पर कई कार्यों का एक साथ बोझ होने के चलते पंचायत चुनाव सूची की तारीखें दो बार बढ़ाई जा चुकी हैं।


अभी तक पिछड़ा वर्ग आयोग गठन प्रक्रिया भी शुरू नहीं

अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठन नहीं हो सका है। यह आयोग ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट करेगा। ऐसे में कार्यकाल पूरा होने तक चुनाव न होने पर प्रशासक तैनात किए जा सकते हैं। फिर छह माह में पंचायत चुनाव कराया जा सकता है। फिलहाल मई तक चुनाव कराया जाना अब संभव नहीं दिख रहा।




त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने के आसार, अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन नहीं, आरक्षण की प्रक्रिया नहीं हुई शुरु

7 जनवरी 2026
लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने के संकेत मिल रहे हैं। मुख्य कारण अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना है, जिसके चलते पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया भी तय नहीं हो पा रही है।

पंचायतीराज विभाग ने छह सदस्यीय आयोग के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा है, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जनगणना 2011 के अनुसार, राज्य में अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत क्रमशः 20.6982 और 0.5677 है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इन वर्गों के लिए इतनी ही प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी।

ओबीसी जातियों का प्रतिशत जनगणना में शामिल नहीं था। रैपिड सर्वे 2015 के अनुसार, राज्य की ग्रामीण आबादी में अन्य पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी 53.33% थी। 2021 केचुनाव में इसी सर्वे के आधार पर ओबीसी के लिए आरक्षण तय किया गया था। हालांकि, किसी भी ब्लॉक में ओबीसी की जनसंख्या 27% से अधिक होने पर भी ग्राम प्रधान के पद 27% से अधिक आरक्षित नहीं हो सकते। प्रदेश स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रतिशत 27 रखना अनिवार्य है।

नगर निकाय के चुनाव में ओबीसी की आबादी के आंकड़ों को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद सरकार ने नगर निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर रिपोर्ट तैयार करवाई थी। पंचायत चुनाव में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए आयोग विभिन्न जिलों में जाकर ओबीसी की आबादी का सर्वे करेगा। उसके बाद ही आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी।

राजभर का समय से चुनाव कराने का दावा
पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर अप्रैल-मई ही होंगे। जब उनसे पूछा गया कि आयोग अभी तक क्यों नहीं बना, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में वे शीघ्र ही सीएम से मिलेंगे। उनका कहना है कि आयोग गठित होने के दो माह के भीतर अपनी रिपोर्ट दे देगा।



यूपी पंचायत चुनाव : अब 28 मार्च को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची, दावे और आपत्ति निस्तारित करने व आगे की कार्यवाही के लिए 27 मार्च तक मिला मौका

लखनऊ। पंचायत चुनाव के लिए चल रहे मतदाता पुनरीक्षण अभियान की समय सीमा बढ़ा दी गई। अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण समेत अन्य कार्यवाही 27 मार्च तक होगी। 28 मार्च को राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम सूची प्रकाशित करेगा। पहले छह फरवरी को अंतिम सूची प्रकाशित की जानी थी।

 राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह के मुताबिक सात से 20 फरवरी के बीच दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद हस्तलिखित पांडुलिपियां तैयार करना, संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन व ऐसे मामलों समेत अन्य दस्तावेजी कार्य किया जाएगा। 21 फरवरी से 16 मार्च के बीच पूरक सूचियों के कंप्यूटरीकरण की तैयारी व उन्हें मूल सूची में समाहित करने के साथ मतदान केंद्रों व स्थलों का निर्धारण किया जाएगा। 17 मार्च से 27 मार्च तक मतदान केंद्रों का क्रमांकन, मतदेय स्थलों के वार्डों की मैपिंग, मतदाता क्रमांकन, स्टेट वोटर नंबर का आवंटन आदि काम किए जाएंगे। इसके बाद 28 मार्च को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।


पंचायत चुनाव के मतदाता पुनरीक्षण 2025 अभियान में अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण समेत अन्य कार्यवाही 27 मार्च तक होगी। 28 मार्च को राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम सूची प्रकाशित करेगा।





पंचायत चुनाव की मतदाता सूची जारी, 30 दिसंबर तक दर्ज कराएं आपत्तियां, 31 दिसंबर से 6 जनवरी तक आपत्तियों का निस्तारण, छह फरवरी को अंतिम सूची

अपनी ग्राम पंचायत की पंचायत निर्वाचन की अनन्तिम सूची 2025 ( प्रोविजनल लिस्ट) यहां से करें डाउनलोड।


लखनऊ। पंचायत चुनाव के मद्देनजर मतदाता पुनरीक्षण-2025 सूची मंगलवार को जारी कर दी गई है। 30 दिसंबर तक आपत्तियां मांगी गई हैं। 31 दिसंबर से छह जनवरी तक आपत्तियों को निस्तारित किया जाएगा। छह फरवरी को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग को ओर से बताया गया कि नई सूची बुधवार से आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। मतदाता अपना नाम व अन्य जानकारियां वेबसाइट पर देख सकते हैं। जिस किसी को कोई आपत्ति है तो वह संबंधित दस्तावेजों के साथ आपत्ति दर्ज करवा सकता है। इसके लिए संबंधित बीएलओ, ब्लॉक या फिर एसडीएम से संपर्क किया जा सकता है।

पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया था। इसमें 1.81 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए और 1.41 करोड़ अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए। पिछली बार की अपेक्षा इस बार कुल 40.19 लाख मतदाता बढ़े हैं। 



पंचायत चुनाव की मतदाता पुनरीक्षण सूची 23 दिसम्बर को  आएगी, मतदाता 30 दिसंबर तक सूची को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे

लखनऊ। पंचायत चुनाव के मद्देनजर मतदाता पुनरीक्षण-2025 की मतदाता सूची 23 दिसंबर मंगलवार को प्रकाशित की जाएगी। मतदाता 30 दिसंबर तक सूची को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे। प्रत्येक आपत्ति पर सुनवाई कर निस्तारित करने के बाद छह फरवरी को अंतिम सूची जारी की जाएगी। जिसके बाद उसमें कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा।

राज्य निवार्चन आयोग ने बीते सप्ताह पुनरीक्षण-2025 के आंकड़े जारी किए थे। आंकड़ों के मुताबिक पुनरीक्षण के दौरान 1.81 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं। 1.41 करोड़ मतदाताओं को सूची से हटाया गया। पिछले चुनाव के आंकड़ों की अपेक्षा 40.19 लाख मतदाता बढ़े हैं। जिनके नाम हटाए गए हैं उनमें मृत, विस्थापित व डुप्लीकेट मतदाता हैं। नई सूची मंगलवार को ऑनलाइन जारी होगी।

अगर किसी को लगता है कि वह योग्य है फिर भी नाम कट गया है या कुछ अपडेट करवाना है तो आपत्ति दर्ज करवानी होगी। जिसके लिए 30 दिसंबर तक समय दिया जाएगा। वह संबंधित बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। 




पंचायत चुनाव की मतदाता सूची छह फरवरी को आएगी, राज्य निर्वाचन आयोग ने बढ़ाई अंतिम तारीख, सूची को ठीक करने का काम मंद गति से चल रहा


लखनऊ, प्रमुख पंचायत चुनावों की मतदाता सूची तैयार करने में जिले लापरवाही बरत रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अब मतदाता सूची जारी करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर छह फरवरी 2026 कर दी गई है। पहले 15 जनवरी 2026 को यह मतदाता सूची जारी की जानी थी। फिलहाल अब समय सीमा बढ़ा दी गई है। अभी तक डुप्लीकेट मतदाता भी सूची से नहीं हटाए गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जो संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है उसके अनुसार अब ड्राफ्ट मतदाता सूची 23 दिसंबर को जारी होगी। पहले इसे पांचदिसंबर को जारी किया जाना था। यही नहीं मतदाता सूची पर दावे व आपत्तियों का निस्तारण 31 दिसंबर से छह जनवरी तक किया जाएगा। पहले यह कार्य 13 से 19 दिसंबर के बीच किया जाना था। 

राज्य निर्वाचन आयोग के बार-बार दिशा निर्देशों के बावजूद जिलों में अधिकारी पंचायत चुनाव की मतदाता सूची से डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम बाहर करने और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से बाहर करने के लिए अगस्त में ही राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से सभी जिलों को पत्र भेजा गया था, लेकिन अभी तक यह कार्य नहीं हुआ। कुल 90.76 लाख मतदाताओं के नाम दो या तीन-तीन बार होने के कारण 2.27 करोड़ डुप्लीकेट मतदाता दर्ज हैं। सूची को ठीक करने का कार्य सुस्त गति से चल रहा है। पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में 12.43 करोड़ मतदाताओं के नाम हैं।

नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के कार्य में ढिलाई बरत रहे हैं। अब जिलों में विधानसभा व लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम चल रहा है। ऐसे में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के कार्य में अब और देरी हो रही है।


त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावलियों के वृहद पुनरीक्षण 2025 हेतु अधिसूचना (संशोधन)।



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