Searching...
Wednesday, August 12, 2026

लोकसभा में सरकार का जवाब - OPS को दोबारा लागू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं

लोकसभा में सरकार का जवाब - OPS को दोबारा लागू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं 


नई दिल्ली। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली का इंतजार कर रहे सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार की ओर से बड़ा झटका लगा है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में साफ कहा कि OPS को दोबारा लागू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।

पुरानी पेंशन योजना (OPS) को वापस लाने की मांग कर रहे सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार की ओर से बड़ा झटका लगा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल OPS को बहाल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि सरकार के लिए पुरानी पेंशन योजना का वित्तीय बोझ लंबे समय तक संभालना मुश्किल है।

सरकार के मुताबिक, OPS को दोबारा लागू करने से सरकारी खजाने पर लगातार बढ़ता वित्तीय बोझ पड़ सकता है। इसी वजह से केंद्र स्तर पर इसे बहाल करने की कोई योजना नहीं है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यों में OPS लागू करने का फैसला संबंधित राज्य सरकारों की नीति के तहत आता है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश ने केंद्र और पेंशन फंड नियामक PFRDA को NPS से OPS में वापस जाने की जानकारी दी है।


NPS का पैसा वापस करना आसान नहीं
सरकार ने बताया कि मौजूदा नियमों के तहत NPS में जमा कर्मचारी और सरकार के योगदान के साथ उससे हुई कमाई को निकालकर राज्य सरकार को वापस जमा करने का कोई प्रावधान नहीं है। यानी NPS से OPS में लौटने की प्रक्रिया सिर्फ राजनीतिक फैसले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई वित्तीय और कानूनी चुनौतियां भी हैं।


केंद्र ने शुरू की UPS की व्यवस्था
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को 1 अप्रैल 2025 से NPS के विकल्प के तौर पर लागू किया जा चुका है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अधिक सुनिश्चित पेंशन लाभ देना है। UPS के तहत पात्र कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद कम से कम 10,000 रुपये प्रति महीने के सुनिश्चित भुगतान का प्रावधान है। यह व्यवस्था कर्मचारी और सरकार, दोनों के नियमित योगदान और निवेश पर आधारित है।


NPS में कितना पैसा जमा है?
सरकार के अनुसार, 7 जुलाई तक केंद्रीय कर्मचारियों के NPS के तहत 3.65 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति प्रबंधन के तहत थी। सरकार का कहना है कि पेंशन व्यवस्था में बदलाव करते समय वित्तीय स्थिरता को ध्यान में रखना जरूरी है। इस बीच, CAG ने भी कुछ राज्यों द्वारा OPS में वापसी के वित्तीय प्रभाव को अपनी रिपोर्ट में रेखांकित किया है। ऐसे में फिलहाल केंद्र की ओर से OPS की बहाली की उम्मीद कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।


संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्चतम न्यायालय उच्‍च शिक्षा उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्सा प्रतिपूर्ति चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य छात्रवृत्ति जनवरी जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मंहगाई भत्ता मत्‍स्‍य महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स