प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मैनपुरी निवासी कुंवर सिंह की सात साल से रोकी गई पेंशन और ग्रेच्युटी बहाल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 16 सितंबर 2019 के उस सरकारी आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत आपराधिक मामले के निस्तारण तक उनकी ग्रेच्युटी रोक दी गई थी। न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकल पीठ ने विभाग को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के छह सप्ताह के भीतर पेंशन और ग्रेच्युटी का भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही सेवानिवृत्ति की तारीख से वास्तविक भुगतान तक सात प्रतिशत साधारण ब्याज देने के लिए कहा है।
याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कुंवर सिंह के खिलाफ वर्ष 2003 में आपराधिक विश्वासघात के आरोप में दर्ज हुई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद 18 जून 2003 को फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर उन्हें क्लीनचिट दे दी थी। राज्य सरकार यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ कोई प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल हुई थी या अदालत ने उसे खारिज किया था। कोर्ट ने कहा कि फाइनल रिपोर्ट दाखिल हुए 22 साल से अधिक समय बीत चुका है। ऐसे में केवल लंबित आपराधिक मामले के आधार पर पेंशन और ग्रेच्युटी रोकना उचित नहीं है।