चुनाव के चलते उत्तर प्रदेश में दिसंबर में हो सकती है जनगणना
सितंबर में मास्टर ट्रेनरों को मिलेगा प्रशिक्षण, बड़े शहरों में गणनाकर्मियों की कमी चुनौती
पहले चरण में मकानों की गणना, दूसरे चरण में दर्ज होगी प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत जानकारी
लखनऊः अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 का दूसरा और अंतिम चरण निर्धारित समय से पहले इसी वर्ष दिसंबर में कराया जा सकता है। पहले यह चरण नौ फरवरी से शुरू होना प्रस्तावित था। हालांकि, दिसंबर में जनगणना कराने की संभावना जतायी जा रही है, लेकिन इसकी अंतिम तारीख अभी तय नहीं हुई है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव समय से कराने की बात मुख्य निर्वाचन आयुक्त भी कह चुके हैं। इसे देखते हुए जनगणना निदेशालय ने दूसरे चरण की तैयारियां तेज कर दी हैं।
जनगणना के दूसरे चरण में परिवार अनुसूची के तहत प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ी विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी। केंद्र सरकार परिवार अनुसूची में पूछे जाने वाले 40 सवालों का नोटिफिकेशन जारी कर चुकी है। दूसरे चरण की तैयारियों के तहत राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण 18 अगस्त से शुरू होगा। इसमें उत्तर प्रदेश के आठ अधिकारी हिस्सा लेंगे। ये अधिकारी सितंबर में प्रदेश के मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे। जिलों में गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण करायाbजाएगा। पहले चरण में लखनऊ, गाजियाबाद व नोएडामें गणनाकर्मियों की कमी प्रमुख चुनौती के रूप में सामने आई थी। इन शहरों में मकानों व परिवारों की संख्या अधिक होने पर गणना कार्य के लिए पर्याप्त कर्मियों की जरूरत हुई।
छह करोड़ मकानों की गणना, अब सामने आएगी आबादी की तस्वीर
पहले चरण में मकानों की संख्या के आधार पर यदि एक परिवार में औसतन पांच सदस्य माने जाएं तो प्रदेश की आबादी 28 से 30 करोड़ के बीच पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, यह केवल अनुमान है। प्रदेश की वास्तविक आबादी कितनी है, इसकी स्पष्ट तस्वीर जनगणना के दूसरे चरण के बाद जारी होने वाले आंकड़ों से ही सामने आएगी।