उत्तर प्रदेश शासन ने ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए
एक से अधिक हल्कों वाले लेखपालों के लिए नई व्यवस्था, ग्राम सचिवालय में अनिवार्य उपस्थिति का संशोधित रोस्टर जारी होगा
3 अगस्त 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन ने ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद द्वारा जारी पत्र के अनुसार जिन लेखपालों के पास एक से अधिक हल्कों का प्रभार है, उनके लिए संशोधित रोस्टर जारी किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्राम सचिवालय में जनसामान्य को राजस्व सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।
पत्र में कहा गया है कि यदि किसी लेखपाल के पास दो हल्कों का प्रभार है तो वह प्रत्येक हल्के के ग्राम सचिवालय में सप्ताह में कम से कम एक दिन अनिवार्य रूप से बैठेंगे। वहीं दो से अधिक हल्कों का प्रभार होने की स्थिति में प्रत्येक हल्के में दो सप्ताह के भीतर न्यूनतम एक दिन उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।
अपरिहार्य परिस्थितियों में पूरे कार्यदिवस के स्थान पर सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक ग्राम सचिवालय में बैठकर राजस्व संबंधी कार्यों का निस्तारण किया जा सकेगा। राजस्व परिषद ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए सिरे से रोस्टर जारी कर इस व्यवस्था का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, जिससे ग्रामीणों को राजस्व सेवाएं अधिक सुलभ और व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हो सकें।
ग्राम सचिवालय में आज से बैठेंगे लेखपाल
01 जुलाई 2026
लखनऊ। योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं अधिक सुगम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रत्येक जिले में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसको लेकर राजस्व परिषद की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। पत्र में रोस्टर तैयार कर 1 जुलाई से नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने बताया लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। पहले से स्थापित ग्राम सचिवालयों का उद्देश्य विभिन्न विभागों की सेवाओं को ग्रामीणों तक एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। पंचायतीराज विभाग के पूर्व आदेशों के अनुरूप ग्राम सचिवालयों में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। अब इसी व्यवस्था को और प्रभावी बनाते हुए लेखपालों की नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों का त्वरित निस्तारण हो सके।
ग्राम सचिवालयों के माध्यम से पंचायत सहायकों द्वारा संचालित ऑनलाइन सेवाओं में राजस्व विभाग की कई महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। इनमें आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, हैसियत प्रमाणपत्र, खतौनी की नकल सहित लगभग दस प्रमुख सेवाएं शामिल हैं।
इन सेवाओं के समयबद्ध निस्तारण में लेखपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में ग्राम सचिवालय में उनकी नियमित उपलब्धता से ग्रामीणों को तहसील के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी।
1 जुलाई से ग्राम सचिवालयों में बैठेंगे लेखपाल, आमजन को मिलेगी एक ही स्थान पर राजस्व सेवाओं की सुविधा
लखनऊ, 28 जून 2026
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए 1 जुलाई 2026 से प्रत्येक ग्राम सचिवालय में लेखपालों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि ग्राम सचिवालयों को ग्रामीण प्रशासन का प्रभावी केंद्र बनाने तथा जनता को राजस्व संबंधी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्राम सचिवालयों के माध्यम से पंचायत सहायकों द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन, आय, जाति, निवास, हैसियत प्रमाण-पत्र, खतौनी की नकल सहित अनेक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेवाओं के प्रभावी संचालन में लेखपालों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसके अलावा लेखपाल तहसील दिवस, थाना दिवस, वरासत, स्वामित्व, किसान सम्मान निधि, खतौनी, भू-अभिलेख, आपदा राहत, भूमि-नक्शा मिलान, कृषि गणना, जनगणना, फसल बीमा, चुनाव, राशन वितरण सत्यापन, अवैध कब्जों की जांच तथा विभिन्न प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में उनके लिए ग्राम सचिवालय स्तर पर नियमित बैठने की व्यवस्था आवश्यक बताई गई है।
राजस्व परिषद ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक जनपद में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में उपस्थिति के लिए रोस्टर तैयार किया जाए तथा 1 जुलाई 2026 से इसका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी जनपद में इस व्यवस्था को लागू करने में कोई व्यावहारिक समस्या हो तो उसकी सूचना 30 जून 2026 तक राजस्व परिषद को उपलब्ध कराई जाए। अन्यथा यह मान लिया जाएगा कि संबंधित जनपद में नई व्यवस्था नियत तिथि से लागू कर दी गई है।
इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बार-बार तहसीलों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही ग्राम सचिवालयों को ग्रामीण प्रशासन एवं जनसेवा के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।