1 जुलाई से ग्राम सचिवालयों में बैठेंगे लेखपाल, आमजन को मिलेगी एक ही स्थान पर राजस्व सेवाओं की सुविधा
लखनऊ, 28 जून 2026
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए 1 जुलाई 2026 से प्रत्येक ग्राम सचिवालय में लेखपालों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि ग्राम सचिवालयों को ग्रामीण प्रशासन का प्रभावी केंद्र बनाने तथा जनता को राजस्व संबंधी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्राम सचिवालयों के माध्यम से पंचायत सहायकों द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन, आय, जाति, निवास, हैसियत प्रमाण-पत्र, खतौनी की नकल सहित अनेक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेवाओं के प्रभावी संचालन में लेखपालों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसके अलावा लेखपाल तहसील दिवस, थाना दिवस, वरासत, स्वामित्व, किसान सम्मान निधि, खतौनी, भू-अभिलेख, आपदा राहत, भूमि-नक्शा मिलान, कृषि गणना, जनगणना, फसल बीमा, चुनाव, राशन वितरण सत्यापन, अवैध कब्जों की जांच तथा विभिन्न प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में उनके लिए ग्राम सचिवालय स्तर पर नियमित बैठने की व्यवस्था आवश्यक बताई गई है।
राजस्व परिषद ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक जनपद में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में उपस्थिति के लिए रोस्टर तैयार किया जाए तथा 1 जुलाई 2026 से इसका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी जनपद में इस व्यवस्था को लागू करने में कोई व्यावहारिक समस्या हो तो उसकी सूचना 30 जून 2026 तक राजस्व परिषद को उपलब्ध कराई जाए। अन्यथा यह मान लिया जाएगा कि संबंधित जनपद में नई व्यवस्था नियत तिथि से लागू कर दी गई है।
इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बार-बार तहसीलों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही ग्राम सचिवालयों को ग्रामीण प्रशासन एवं जनसेवा के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।