'जन गण मन' से पहले 'वंदे मातरम' गाया जाएगा, राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत को लेकर गृह मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत वंदे मात्तरम' और राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के गायन एवं वादन से संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों तथा केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के सही स्वरूप, गरिमा और निर्धारित प्रोटोकॉल के प्रति व्यापक जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाए।
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव अरविंद खरे ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। इसमें समय-समय पर राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान से संबंधित जारी सामान से संबंधित ज व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका उद्देश्य देशभर में एकरूपता, गरिमा और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय गीत पहलेः गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएं, तो सबसे पहले राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' और उसके बाद राष्ट्रगान 'जन गण मन' प्रस्तुत होगा। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में राज्य गीत भी गाया या बजाया जाता है, वहां राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों का गायन या वादन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। ऐसे अवसरों पर पहले राष्ट्रीय गीत और उसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाएगा। गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का शुद्ध पाठ, सही शब्द तथा सही उच्चारण का हर स्थिति में पालन किया जाए। इसके लिए दोनों का अधिकृत पाठ और सही उच्चारण गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है।
इन अवसरों पर होगा राष्ट्रगान
1 राष्ट्रगान का पूर्ण संस्करण राष्ट्रपति, राज्यपाल या उपराज्यपाल के औपचारिक कार्यक्रमों, राष्ट्रीय सलामी, सैन्य परेड, राष्ट्रीय ध्वज फहराने, औपचारिक राज्य समारोहों तथा अन्य निर्धारित सरकारी अवसरों पर बजाया जाएगा।
2 राष्ट्रपति के औपचारिक सरकारी कार्यक्रमों में आगगन और प्रस्थान, राष्ट्रीय ध्वज को परेड में लाए जाने, सैन्य ध्वज प्रदान करने तथा नौसेना में ध्वज फहराने जैसे अवसरों पर भी राष्ट्रगान का वादन किया जाएगा।
3 स्कूलों में भी दिन की शुरुआत सामूहिक रूप से राष्ट्रगान के गायन से की जा सकती है। सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक महत्व के कार्यक्रमों में भी राष्ट्रगान का सामूहिक गायन प्रोत्साहित किया गया है।
राष्ट्रीय गीत के लिए तय अवसर
1 राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के गायन एवं वादन के लिए भी विभिन्न सरकारी, सांस्कृतिक तथा शैक्षणिक कार्यक्रमों के अवसर निर्धारित किए।
2 स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रीय गीत के सामूहिक गायन से भी की जा सकती है।
3 मंत्रालय ने छात्रों में राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने पर विशेष बल दिया है।
पहले वंदे मातरम्, फिर जन-गण-मन का होगा गान, गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किए नियम, राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के बाद ही राज्यगीत की प्रस्तुति
नई दिल्ली। किसी भी समारोह में अगर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की एक साथ प्रस्तुति होती है तो पहले वंदे मातरम् और फिर जन-गण-मन होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नए निर्देश जारी कर इसका सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है।
यह भी निर्देश में कहा गया है कि जिन राज्यों में राज्य गीत भी होता है, वहां भी तय क्रम का ही पालन करना होगा। यानी तीसरे नंबर पर राज्य गीत बजाया जाएगा। गौरतलब है कि तमिलनाडु में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में राज्य गीत से पहले राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान की प्रस्तुति को विपक्ष ने मुद्दा बनाया था। 9 जुलाई को जारी निर्देश में उन अवसरों की पूरी सूची दी गई है, जब राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को गाना या बजाना जरूरी है। साथ ही उन मौकों की भी जानकारी दी गई है, जब इन्हें गाया या बजाया जा सकता है।
नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए
मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासनों और केंद्रीय मंत्रालयों से अनुरोध किया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले संस्थानों और संगठनों को उचित निर्देश जारी करें ताकि तय नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
राज्य गीत के साथ यह नियम अपनाना होगा
मंत्रालय ने दोहराया कि जब भी राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों एक साथ प्रस्तुत किए जाएं, तो पहले राष्ट्रगीत गाया या बजाया जाना चाहिए और उसके बाद राष्ट्रगान। यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन राज्यों में राज्य गीत भी गाया जाता है, वहां राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के साथ-साथ राज्य गीत भी गाया और बजाया जाए। यह कहा गया है कि जब भी राज्य गीत को राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ गाया या बजाया जाए तो राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों को एक साथ गाया या बजाया जाएगा और पहले राष्ट्रीय गीत गाया या बजाया जाएगा, उसके बाद राष्ट्रगान और तीसरे नंबर पर राज्य गीत बजेगा।
सही और तय प्रस्तुति का पालन किया जाए
मंत्रालय ने निर्देश दिया गया कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के मूल शब्द, सही उच्चारण और तय प्रस्तुति का पूरी तरह पालन हो। दोनों का आधिकारिक पाठ और सही उच्चारण मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि कोई गलती न हो।