नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को जनगणना-2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना (पॉपुलेशन एन्युमेरेशन) के लिए 40 सवालों को अधिसूचित कर दिया। इस बार स्वतंत्र भारत में पहली बार अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के साथ सभी जातियों की भी गणना की जाएगी।
दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी। जनगणना का दूसरा चरण 17 अगस्त, 2026 से लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बर्फीले क्षेत्रों में शुरू होगा। देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना का यह चरण फरवरी, 2027 में होगा। जनगणना पर 11 हजार 718 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अधिकारियों के अनुसार, जाति के लिए कोई पूर्व निर्धारित सूची या विकल्प नहीं होगा। यह खुला कॉलम होगा और गणनाकर्मी व्यक्ति द्वारा बताई गई जाति को उसी रूप में दर्ज करेंगे। अब तक जनगणना में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से जुड़े आंकड़े दर्ज किए जाते रहे हैं, लेकिन पहली बार बाकी जातियों की भी गणना की जाएगी। एक से 20 जुलाई तक 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसका प्री-टेस्ट किया गया। इसमें एससी/एसटी के अलावा अन्य लोगों से जाति पूछकर खुले कॉलम में दर्ज की गई।
पहला चरण 30 सितंबर तक
चलेगाः जनगणना का पहला चरण 30 सितंबर तक चलेगा, जिसमें घरों की सूची बनाई जाएगी। हालांकि, कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में घरों की सूची बनाने के लिए गणना कर्मियों ने 16 अप्रैल से घर-घर जाना शुरू कर दिया था।
कोविड टीकाकरण की जानकारी भी देनी होगी
जनगणना के दौरान व्यक्ति से कोविड-19 टीकाकरण के बारे में भी पूछा जाएगा। इसके अलावा बैंक खातों की संख्या की जानकारी भी मांगी जाएगी, जहां पर यह पूछना अनिवार्य हो।