लखनऊ। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और हिंसा की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों/जिला निर्वाचन अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यदि किसी भी बीएलओ के साथ अभद्रता या हिंसा की घटना सामने आती है तो संबंधित मामलों में तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि विशेष पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत मतदाता सूची से संबंधित नोटिसों के वितरण और सुनवाई के दौरान कुछ स्थानों पर बीएलओ के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आई हैं। ऐसे मामलों को निर्वाचन प्रक्रिया में बाधा और सरकारी कार्य में अवरोध मानते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार, किसी भी प्रकार की हिंसा या अभद्र व्यवहार की सूचना मिलते ही जिला स्तर पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजी जाए। साथ ही यदि कोई मामला मीडिया में प्रकाशित या प्रसारित होता है, तो उसकी कटिंग या क्लिपिंग भी विस्तृत आख्या के साथ उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन आदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अवगत कराया जाए तथा विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए।
निर्वाचन विभाग के इस कदम को जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे बीएलओ की सुरक्षा और मनोबल बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य बिना किसी दबाव या व्यवधान के सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।