Searching...
Wednesday, March 11, 2026

आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना अब नहीं आसान, केवल विशेष परिस्थितियों में ही जन्मतिथि में होगा एक बार संशोधन

आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना अब नहीं आसान, केवल विशेष परिस्थितियों में ही जन्मतिथि में होगा एक बार संशोधन


भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार में जन्मतिथि बदलने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। बार-बार बदलाव रोकने के लिए अब केवल विशेष परिस्थितियों में ही जन्मतिथि में संशोधन किया जा सकेगा।


नई दिल्ली। आधार कार्ड में जन्मतिथि (डेट ऑफ बर्थ) को बार-बार बदलने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसके तहत अब आधार में जन्मतिथि में संशोधन केवल विशेष परिस्थितियों में ही किया जा सकेगा। प्राधिकरण का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की जन्मतिथि एक ही होती है, इसलिए सामान्य परिस्थितियों में इसे बदलने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।


हालांकि, कई मामलों में आधार नामांकन के दौरान ऑपरेटर की त्रुटि, अनुमानित जानकारी दर्ज होने या गलत दस्तावेज देने के कारण जन्मतिथि गलत दर्ज हो जाती है। ऐसे मामलों में ही सुधार की अनुमति दी जाएगी, वह भी तब जब संबंधित व्यक्ति के पास प्रमाणित और सत्यापन योग्य दस्तावेज उपलब्ध हों।

यूआईडीएआई का उद्देश्य आधार डाटाबेस की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखना है, ताकि नागरिकों की पहचान से जुड़ी जानकारी पूरी तरह सही और प्रमाणिक बनी रहे। नया नियम 24 दिसंबर 2025 से हो गया प्रभावी।


जन्म प्रमाण पत्र को मिलेगा सबसे अधिक महत्व 
यूआईडीएआई के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र को सबसे अधिक मान्य और कानूनी दस्तावेज माना गया है। यदि किसी आधार धारक ने पहले ही जन्म प्रमाण पत्र को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में जमा कर दिया है, तो सामान्य परिस्थितियों में दोबारा जन्मतिथि में बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बच्चों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के आधार नामांकन के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य दस्तावेज होगा। वहीं, पांच से 18 वर्ष के बच्चों के लिए डिजिटल रूप से सत्यापित जन्म प्रमाण पत्र को स्वीकार किया जाएगा।

यदि किसी महिला ने विवाह के बाद अपना नाम बदल लिया है और उसके साथ जन्मतिथि में भी सुधार की आवश्यकता है, तो विवाह प्रमाण पत्र या पुराने और नए नाम वाले आधार दस्तावेज जैसे प्रमाण स्वीकार किए जा सकते हैं।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्चतम न्यायालय उच्‍च शिक्षा उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्सा प्रतिपूर्ति चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य छात्रवृत्ति जनवरी जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मंहगाई भत्ता मत्‍स्‍य महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स