लखनऊ । हाईकोर्ट ने राज्य सेतु निगम उनके रिटायरमेंट हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के एक सेवानिवृत्त परियोजना प्रबंधक को राहत देते हुए के बाद मिलने वाले पैसे देने में हुई देरी पर सात के परियोजना प्रबंधक की याचिका पर दिया फैसला प्रतिशत सालाना ब्याज देने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने यह फैसला मिश्रीलाल की याचिका पर दिया। मिश्रीलाल 31 जुलाई 2007 को परियोजना प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन उन्हें ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट जैसे सेवानिवृत्ति लाभ लगभग सात साल बाद 2014 में दिया गया।
याची का कहना था कि इतनी लंबी देरी के बावजूद उन्हें ब्याज नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने निगम के सक्षम अधिकारी को निर्देश दिया कि ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट के भुगतान में हुई देरी की अवधि के लिए 7 प्रतिशत सालाना ब्याज का भुगतान किया जाए। यह भुगतान आठ सप्ताह के भीतर करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने उस आदेश को भी रद्द कर दिया जिसमें देरी के बावजूद ब्याज देने से इन्कार किया गया था।