1,000 रुपये में गुजारा करना कठिन–न्यूनतम ईपीएफ पेंशन बढ़ाए सरकार, संसद की स्थायी समिति ने स्वास्थ्य खर्च और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए बताया अपर्याप्त
नई दिल्ली। संसद की श्रम, वस्त्र एवं कौशल विकास स्थायी समिति ने मंगलवार को अपनी 15वीं रिपोर्ट में कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत दी जा रही 1,000 रुपये की पेंशन को नाकाफी बताया है। मासिक पेंशन महंगाई, बढ़ते स्वास्थ्य खर्च और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए अपर्याप्त है। समिति ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को पेंशन की तत्काल और व्यापक समीक्षा करने की सिफारिश की है।
सिफारिश में कहा गया है पेंशनर्स को वर्तमान जीवन-यापन लागत के अनुरूप उचित और सम्मानजनक न्यूनतम पेंशन मिले। बता दें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत ईपीएस-95 पेंशनभोगी लंबे समय से न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर 9 मार्च से जंतर-मंतर पर तीन दिवसीय धरना भी दिया गया। समिति ने नोट किया कि मंत्रालय को पेंशनर्स की ओर से न्यूनतम पेंशन में वृद्धि के लिए अनेक अभ्यावेदन मिले हैं।