NPS Swasthya Pension Scheme: अब एनपीएस पेंशन फंड से मिलेगा इलाज का खर्च, PFRDA ने पेश की नई स्कीम, जानिए पूरी डिटेल्स
PFRDA ने NPS Swasthya Pension Scheme लॉन्च कर पेंशन और हेल्थ खर्च को जोड़ दिया है। इस स्कीम के तहत लोग इलाज के लिए अपनी पेंशन बचत से पैसा निकाल सकेंगे। गंभीर बीमारी में पूरा फंड निकालने की सुविधा भी मिलेगी।
🔴 PFRDA ने NPS Swasthya Pension Scheme लॉन्च कर पेंशन और हेल्थ खर्च को जोड़ दिया है।
🔴 इस स्कीम के तहत लोग इलाज के लिए अपनी पेंशन बचत से पैसा निकाल सकेंगे।
🔴 NPS Swasthya से गंभीर बीमारी में पूरा फंड निकालने की सुविधा भी मिलेगी।
आज के समय में तेजी से बढ़ता हुआ मेडिकल खर्च और खराब लाइफस्टाइल की वजह से बढ़ती हुई बीमारियां कभी भी आपकी जेब पर बड़ा हमला कर सकती हैं। खासकर रिटायरमेंट के बाद इसकी आशंका और बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार और पेंशन रेगुलेटर PFRDA ने पहली बार पेंशन को सीधे हेल्थ की जरूरतों से जोड़ने का काम किया है। PFRDA ने NPS Swasthya Pension Scheme को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च करने की मंजूरी दे दी है, जिससे पेंशनर्स और नौकरीपेशा लोगों को इलाज के लिए अपने ही पेंशन फंड का सहारा मिल सकेगा।
क्या है NPS Swasthya पेंशन स्कीम?
NPS Swasthya Pension Scheme को नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत एक अलग सेक्टर स्कीम के रूप में पेश किया गया है। इसका मकसद साफ है कि लोगों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और जरूरत पड़ने पर पेंशन सेविंग्स से मेडिकल खर्च पूरे किए जा सकें। यह स्कीम फिलहाल Regulatory Sandbox Framework के तहत “Proof of Concept” यानी टेस्ट रन के तौर पर लाई गई है, ताकि इसके ऑपरेशनल और टेक्निकल पहलुओं को परखा जा सके।
NPS Swasthya Pension Scheme को नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत एक अलग सेक्टर स्कीम के रूप में पेश किया गया है। इसका मकसद साफ है कि लोगों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और जरूरत पड़ने पर पेंशन सेविंग्स से मेडिकल खर्च पूरे किए जा सकें। यह स्कीम फिलहाल Regulatory Sandbox Framework के तहत “Proof of Concept” यानी टेस्ट रन के तौर पर लाई गई है, ताकि इसके ऑपरेशनल और टेक्निकल पहलुओं को परखा जा सके।
कौन कर सकता है निवेश?
इस स्कीम में भारत का कोई भी नागरिक स्वेच्छा से शामिल हो सकता है। इसके लिए NPS का कॉमन स्कीम अकाउंट होना जरूरी है। सब्सक्राइबर अपनी क्षमता के अनुसार इसमें योगदान कर सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे NPS में किया जाता है। इस पैसे को पेंशन फंड मैनेजर निवेश करेंगे और पूरा सिस्टम पारदर्शी तरीके से चलेगा।
इलाज के लिए पैसा निकालना हुआ आसान
NPS Swasthya स्कीम की सबसे बड़ी खासियत है मेडिकल खर्च के लिए आंशिक निकासी की सुविधा। अगर किसी को OPD या अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराना पड़ता है, तो वह अपनी जमा राशि का 25% तक निकाल सकता है। अच्छी बात यह है कि निकासी की संख्या पर कोई लिमिट नहीं रखी गई है, बस पहली बार पैसे निकालने से पहले खाते में कम से कम 50 हजार रुपये होने चाहिए।
गंभीर बीमारी में पूरा पैसा निकालने की छूट
अगर किसी सब्सक्राइबर को ऐसी गंभीर बीमारी हो जाती है, जिसमें एक बार में इलाज का खर्च कुल कॉर्पस के 70% से ज्यादा हो, तो उसे पूरा पैसा एकमुश्त निकालने की इजाजत होगी। यानी ऐसे मामलों में रिटायरमेंट की उम्र का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और इलाज में देरी नहीं होगी।
40 साल से ऊपर वालों के लिए खास सुविधा
40 साल से ज्यादा उम्र के सब्सक्राइबर, जो सरकारी सेक्टर में नहीं हैं, अपने NPS कॉमन अकाउंट से 30% तक की रकम इस स्वास्थ्य पेंशन स्कीम में ट्रांसफर कर सकते हैं। इससे जो लोग पहले से NPS में निवेश कर रहे हैं, उन्हें नया अकाउंट शुरू करने की झंझट नहीं होगी।
पायलट प्रोजेक्ट क्यों है जरूरी?
PFRDA ने साफ किया है कि यह स्कीम सीमित समय और सीमित लोगों के लिए शुरू की जा रही है। अगर पायलट के बाद यह स्कीम व्यावहारिक नहीं पाई जाती, तो निवेशकों को अपनी जमा राशि वापस कॉमन NPS अकाउंट में ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। यानी जोखिम कम और पारदर्शिता ज्यादा रखी गई है।
आज के समय में रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा खर्च इलाज पर आता है। ऐसे में NPS Swasthya Pension Scheme पेंशन और हेल्थ सिक्योरिटी को एक साथ जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अगर यह पायलट सफल रहता है, तो आने वाले समय में यह स्कीम लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत बन सकती है।