न्यूनतम पेंशन वृद्धि का ऐलान बजट में किए जाने की संभावना, कर्मचारी संगठनों की तरफ से की जा रही है EPF न्यूनतम पेंशन बढ़ाने को लेकर मांग
नई दिल्ली । लंबे समय से हो रही न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर जल्द ऐलान किया जा सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने को लेकर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि सरकार बजट या फिर उसके बाद पेंशन बढ़ाने को लेकर निर्णय ले सकती है। हालांकि पेंशन में बढ़ोतरी कितनी होगी वह अभी स्पष्ट नहीं है।
ईपीएफओ से जुड़े कर्मचारियों को न्यूनतम पेंशन एक हजार रुपये प्रति माह देने का प्रावधान है। 11 वर्षों से पेंशन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिसको लेकर कर्मचारी संगठन लंबे समय से मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि तब से लेकर अब तक महंगाई बढ़ी है, जिसमें कर्मचारियों पर खर्च को बोझ बढ़ा है। सेवानिवृत्ति के बाद एक हजार रुपये की पेंशन किसी भी रूप से व्यवहारिक नहीं है।
छह जनवरी को भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) का एक प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री से मिला था। केंद्रीय मंत्री ने उठाए गए मुद्दों पर उचित विचार करने का भरोसा दिया था। वहीं, दूसरे संगठन भी लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर सात से 10 हजार रुपये के बीच करने की मांग कर रहे है।
सर्वोच्च न्यायालय में भी चल रहा मुद्दा
पेंशन से जुड़ा मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय में भी चल रहा है। ऐसी स्थिति में स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही न्यूनतम पेंशन को बढ़ाए जाने को लेकर ऐलान किया जा सकता है।
80 लाख से अधिक सदस्यों को लाभ
न्यूनतम पेंशन को बढ़ाती है तो वर्तमान में ईपीएफओ के करीब 80 लाख सदस्यों को लाभ होगा। इनमें से करीब 36.6 लाख सदस्य ऐसे भी हैं, जिन्हें सिर्फ न्यूनतम पेंशन एक हजार मिलती है। हालांकि भविष्य के हिसाब से देखा जाए तो यह संख्या करोड़ों में होगी।