मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, त्रुटि सुधार का आज मौका, प्रदेश के सभी बूथों पर 11 जनवरी को बीएलओ मसौदा मतदाता सूची पढ़ेंगे
लखनऊ। प्रदेश के सभी बूथों पर 11 जनवरी को बीएलओ मसौदा मतदाता सूची पढ़ेंगे। सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां 6 फरवरी तक दी जा सकती हैं। रविवार को सुबह 11 से शाम पांच बजे तक बूथों पर विशेष अभियान चलेगा। बीएलओ वोटर लिस्ट पढ़कर सुनाएंगे।
इस दौरान फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने), फॉर्म-7 (नाम हटाने) और फॉर्म-8 (त्रुटि सुधार/शिफ्टिंग) भरकर जमा किए जा सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे तय समय पर नजदीकी बूथ पर पहुंचकर सूची का अवलोकन करें। यदि नाम छूटा हो या विवरण में गलती हो तो संबंधित फॉर्म भरकर जमा करें, ताकि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले सुधार किया जा सके।
SiR: यूपी में कच्ची मतदाता सूची जारी, 2.89 करोड़ नाम कटे... 6 फरवरी तक कर सकेंगे शिकायत, छह मार्च को फाइनल सूची
1.04 करोड़ मतदाताओं के नाम का 2003 की सूची से मिलान नहीं, मिलेगा नोटिस
लखनऊ। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत यूपी में मतदाता सूची से 2.89 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को कच्ची मतदाता सूची (ड्राफ्ट रोल) जारी कर दी। अब 6 फरवरी तक कच्ची मतदाता सूची को लेकर दावा या आपत्ति की जा सकती है। कच्ची मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं में से 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस मिलेगा, क्योंकि उनके रिकॉर्ड का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है।
एसआईआर के ड्राफ्ट रोल को लेकर प्रेस वार्ता करते मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा । -अमर उजाला
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नोटिस का चरण (सुनवाई व सत्यापन) और दावों व आपत्तियों के निस्तारण का काम 6 जनवरी से 27 फरवरी के बीच पूरा होगा। जिन मतदाताओं को नोटिस मिलेगा, उन्हें चुनाव आयोग की ओर से मान्य 12 दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। नोटिस पाने वाले जो मतदाता ये दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे, उनका नाम पक्की (फाइनल) मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा। पक्की (फाइनल) मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित की जाएगी। एसआईआर में यूपी की मतदाता सूची 27 अक्तूबर को फ्रीज की गई थी। इसमें 154430092 मतदाता थे। यह पूछे जाने पर कि नोटिस पाने वाले जिन मतदाताओं के नाम फाइनल सूची से हटाए जाएंगे, क्या उसकी जानकारी आयोग की ओर से किसी प्राधिकारी (गृह विभाग आदि) को भी भेजी जाएगी, रिणवा ने कहा कि इस जानकारी को आयोग सीधे किसी प्राधिकारी (अथोरिटी) को नहीं भेजेगा। अलबत्ता ऐसे मतदाताओं का व्योरा आयोग सार्वजनिक करेगा।
कच्ची सूची में 12.55 करोड़ मतदाता
गणना चरण की अंतिम तिथि 26 दिसंबर तक 125556025 मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए गए, जो एसआईआर-2026 के प्रथम चरण में अनुमानित भागीदारी को प्रदर्शित करता है। इस तरह से कुल 28874067 (18.70 प्रतिशत) मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भरें
रिणवा ने बताया कि ऐसे मतदाता जो बीएलओ को नहीं मिले या जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र वापस प्राप्त नहीं हुए, वे पूर्व निवास स्थल से अन्य कहीं स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए या संबंधित मतदान क्षेत्रों में लापता या अनुपस्थित पाए गए या अन्य किसी कारण से गणना प्रपत्र 26 दिसंबर तक जमा नहीं किया, वे अपने दावे व आपत्तियों के लिए फॉर्म-6 भरें। फॉर्म-6 के साथ घोषणापत्र और जरूरी दस्तावेज लगाने पर उनका नाम मतदाता सूची में पुनः शामिल किया जा सकता है। मतदाता सूची में एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम केवल एक ही स्थान पर रखे जाएंगे।
नौ मैपिंग की श्रेणी में आए मतदाता 06 जनवरी से 27 फरवरी तक कर सकेंगे दावे और आपत्तियां
प्रयागराज। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत ऐसे मतदाता जिनका स्वयं का नाम वर्ष 2003 में न होने तथा उनके किसी संबंधी (माता-पिता,दादा-दादी) का नाम वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली में नहीं होने की वजह से ये नौ मैपिंग की श्रेणी में आए हैं, ऐसे मतदाताओं को नोटिस किया जा रहा है। नो मैपिंग वाले मतदाता एएसडी श्रेणी में आते हैं। इन मतदाताओं के दावे और आपत्तियों का छह जनवरी से 27 फरवरी तक निस्तारण किया जाएगा।
लखनऊ। चुनाव आयोग ने एक बार फिर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तिथियों में संशोधन किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बताया कि अब कच्ची मतदाता सूची का प्रकाशन 6 जनवरी को होगा। पहले यह तिथि 31 दिसंबर घोषित की गई थी।
इसी तरह दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी तक निर्धारित की गई है। पहले ये 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक थी। 6 जनवरी से 27 फरवरी तक नोटिस चरण, गणना प्रपत्रों पर निर्णय, दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च को होगा।
1.11 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी: आयोग ने 1.11 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी करने का फैसला किया है। इन मतदाताओं को अपनी पहचान और पात्रता साबित करने के लिए दस्तावेज जमा करने होंगे। नोटिस पाने वाले मतदाता मान्य 13 दस्तावेज में से किसी एक को जमा कर नाम सूची में बनाए रख सकेंगे।
आयोग ने 27 अक्तूबर को एसआईआर कराने की घोषणा की थी। उसके बाद 30 नवंबर और 11 दिसंबर को संशोधित कार्यक्रम जारी किए गए। आयोग ने मंगलवार को तीसरी बार एसआईआर का समय बढ़ाया।