पेंशन व एरियर का भुगतान एक साथ नहीं कर सकेंगे, सभी कोषागारों को जारी किए निर्देश
पेंशन और एरियर के भुगतान में न्यूनतम 10 दिन का अंतर रखने का आदेश
18 जनवरी 2026
लखनऊः चित्रकूट कोषागार में हुए 43.13 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद शासन स्तर से कोषागारों से संबंधित कई व्यवस्थाओं में बदलाव किए जा रहे हैं। अब पेंशनरों को कोषागार से उनके पेंशन और एरियर का भुगतान एक साथ नहीं मिलेगा। इससे संबंधित निर्देश कोषागारों को दिए गए हैं। इसके लिए साफ्टवेयर में जरूरी बदलाव भी किए जाएंगे।
कोषागार निदेशक वीके सिंह के मुताबिक कोषागारों को पेंशन और एरियर एक साथ नहीं दिए जाने के निर्देश दे दिए गए हैं। इन दोनों धनराशियों के भुगतान में न्यूनतम 10 दिन का अंतर रखने को कहा गया है। घोटालों व किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए कोषागार के साफ्टवेयर में किए जाने वाले बदलावों का खाका खींचा जा चुका है।
साफ्टवेयर में बदलाव के लिए एनआइसी के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं। साफ्टवेयर में जरूरी बदलाव जल्द हो जाएगा। साफ्टवेयर में सुरक्षा के मजबूत प्रबंध किए जाएंगे, जिससे कोई भी अनियमितता न होने पाए। साफ्टवेयर में बदलाव के बाद एरियर या अन्य भुगतान से संबंधित किसी आंकड़े में कार्मिक अपने स्तर से कोई परिवर्तन नहीं कर सकेंगे। इस घोटाले की जांच करते हुए एसआइटी ने अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है जिनमें 25 पेंशनर, दो कोषागार कर्मी और आठ दलाल शामिल हैं।
कोषागार में हुए घोटाले से शासन ने दिया सतर्कता का निर्देश, पेंशन राशि से अलग होगा पेंशन एरियर का भुगतान
अब पेंशन राशि से अलग होगा पेंशन एरियर का भुगतान, सॉफ्टवेयर में होगा जरूरी बदलाव
पेंशन और एरियर के अलग भुगतान के लिए साफ्टवेयर में किया जाएगा बदलाव
43.13 करोड़ के चित्रकूट कोषागार में हुए घोटाले में अब तक 3.62 करोड की रिकवरी
13 दिसम्बर 2025
लखनऊः चित्रकूट कोषागार में हुए 43.13 करोड़ रुपये के घोटाले से सीख लेते हुए शासन ने तय किया है कि पेंशन धनराशि और पेंशन एरियर का भुगतान अब एक साथ नहीं किया जाएगा। एरियर और पेंशन का भुगतान अलग-अलग तिथियों में किया जाएगा। इसके लिए एनआइसी साफ्टवेयर में सुरक्षा के नजरिए से जरूरी बदलाव करेगा।
कोषागार निदेशक वीके सिंह के मुताबिक पेंशन के साथ पेंशन एरियर का भुगतान किए जाने की व्यवस्था से चित्रकूट में इतना बड़ा घोटाला संभव हुआ। साफ्टवेयर में बदलाव करते हुए इन दोनों का भुगतान अलग-अलग तिथियों में किया जाएगा जिसके बाद एरियर के नाम पर किसी पेंशनर के खाते में अतिरिक्त धनराशि ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी। कोषागारों का कामकाज वर्ष 2014 से आनलाइन हुआ है तब से अब तक की विशेष आडिट कराने की निर्णय भी लिया गया है।
घोटाले के बाद जिन 93 पेंशनरों के खाते में एरियर के नाम पर 43.13 रोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे, उन सभी खातों को फ्रीज कर दिया गया है। अब तक घोटाले की धनराशि में से 3.62 करोड़ रुपये वापस मिल चुके हैं।
चित्रकूट कोषागार के कार्मिकों की मिलीभगत से वर्ष 2018 से 2025 के बीच सात साल में 93 पेंशनरों के अलग-अलग बैंक खातों में गलत तरीके से मोटी रकम भेजी गई थी। इस घोटाले में दो सहायक लेखाकार, एक सहायक कोषाधिकारी तथा एक सेवानिवृत्त सहायक कोषाधिकारी के साथ 93 पेंशनरों सहित कुल 97 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने 24 पेंशनर, छह बिचौलियों समेत 32 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में शामिल एक सहायक लेखाधिकारी की मौत हो चुकी है।