कैसे पूछने हैं जनगणना से जुड़े 33 सवाल, सीखेंगे प्रगणक, फरवरी में शुरू होगी राज्यस्तरीय ट्रेनिंग
लखनऊः जनगणना 2027 को लेकर उत्तर प्रदेश में तैयारियां रफ्तार पकड़ चुकी हैं। राज्य में जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक प्रस्तावित है। इसके साथ ही जनगणना की उलटी गिनती शुरू हो गई है। तय समय में काम पूरा हो, इसके लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
दिल्ली में नेशनल ट्रेनर्स की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। अब यही ट्रेनर प्रदेश स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देंगे। मास्टर ट्रेनर्स की राज्यस्तरीय ट्रेनिंग फरवरी से लखनऊ में शुरू होने की संभावना है। प्रशिक्षण के बाद मास्टर ट्रेनर जिलों में जाकर फील्ड में काम करने वाले प्रगणकों और सुपरवाइजरों को तैयार करेंगे। जनगणना के पहले चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें परिवार के मुखिया से संबंधित विवरण, परिवार में उपलब्ध और अर्जित सुविधाओं से जुड़े सवाल होंगे। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी।
प्रगणक अपने मोबाइल फोन में विशेष जनगणना एप डाउनलोड कर उसी के जरिये आंकड़े दर्ज करेंगे। इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि डाटा की शुद्धता भी बढ़ेगी। प्रदेश में पहले बुलंदशहर, बहराइच और प्रयागराज के कुछ क्षेत्रों में ट्रायल किया जा चुका है। वहां से मिले फीडबैक के आधार पर मोबाइल एप को और सरल व यूजर-फ्रेंडली बनाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रगणक और सुपरवाइजर को एप के जरिये ही सारी जानकारी भरनी होगी, इसलिए तकनीकी प्रशिक्षण पर खास जोर दिया जा रहा है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को जनगणना 2027 से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी। इसमें जनगणना में पूछे जाने वाले 33 सवालों की सूची है, जिसमें मकान, परिवार, मोबाइल नंबर, वाहन से जुड़े सवाल शामिल हैं। जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया को ये जानकारी देनी होंगी।
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, सिर्फ परिवार के सदस्यों की गिनती नहीं होगी, बल्कि आपके घर में कौन-सी गाड़ियां हैं, कौन-सा अनाज खाते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, जैसे सवाल पूछे जाएंगे। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है। पेयजल और शौचालय की क्या व्यवस्था है। गैजेट्स (लैपटॉप, स्मार्टफोन) की जानकारी देनी होगी।
जनगणना के दौरान आपके भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकारी अथवा जनगणना नंबर), मकान नंबर, मकान का उपयोग, मकान की हालत, परिवार क्रमांक, सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, मुखिया स्त्री है या पुरुष, मकान के स्वामित्व की स्थिति, कमरों की संख्या, जाति बतानी होगी।
इसके अलावा परिवार में विवाहित दंपतियों की संख्या कितनी है, बिजली का मुख्य स्रोत, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानघर की उपलब्धता, रसोईघर, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, भोजन पकाने के लिए मुख्य ईंधन, टेलीविजन की भी जानकारी देनी होगी।
राज्यों को एक महीने में पूरा करना होगा काम
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सात जनवरी को बताया था कि जनगणना 2027 का पहला चरण एक अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 के बीच किया जाएगा। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को 30 दिनों में यह काम पूरा करना होगा। घरों की लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले लोगों को खुद से जानकारी भरने (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा। पूरी प्रकिया डिजिटल होगी।