SiR : लखनऊ में सबसे ज्यादा और ललितपुर में सबसे कम वोट कटे, चुनाव आयोग ने जारी किए आधिकारिक आंकड़े
एसआईआर में शामिल मतदाता: 154430092
कच्ची सूची में शामिल कुल मतदाता: 125555984
नाम काटे जाने के ये रहे कारण
मृतक : 4623796
अनुपस्थित : 7952190
स्थानांतरित: 12977472
पहले से पंजीकृत : 2547207
अन्य कारण 774472
लखनऊ। चुनाव आयोग ने यूपी में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में गणना फॉर्म जमा करने की अवधि समाप्त होने के बाद मतदाताओं के आधिकारिक आंकड़े जारी कर दिए हैं। सबसे ज्यादा वोट लखनऊ, गाजियाबाद, बलरामपुर, कानपुर नगर और मेरठ में कम हुए हैं। वहीं, सबसे कम ललितपुर में 9.96 फीसदी मतदाताओं के नाम कटे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा 30.05 प्रतिशत मतदाता लखनऊ में कम हुए हैं। गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत, बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, कानपुर नगर में 25.50 प्रतिशत और मेरठ में 24.66 फीसदी मतदाता कम हुए हैं। प्रदेश में सूची से नाम कटने वाले मतदाताओं की संख्या 28875230 है। आयोग ने नाम काटे जाने के कारण भी स्पष्ट कर दिए हैं। आयोग अब कच्ची मतदाता सूची 31 दिसंबर को प्रकाशित करेगा। उसके बाद इन पर आपत्ति व दावे लिए जाएंगे।
बहराइच समेत इन जिलों में 20% से ज्यादा घटे वोटर : लखनऊ 30.05%, गाजियाबाद 28.83%, बलरामपुर 25.98% 1 कानपुर नगर 25.50%, मेरठ 24.66%, प्रयागराज 24.64% 1 गौतमबुद्धनगर 23.98%, आगरा 23.25%, हापुड़ 22.30%, शाहजहांपुर 21.57%, 21.76%। कन्नौज बरेली 20.99%, फर्रुखाबाद 20.81%, बहराइच 20.44%, बदायूं 20.39%, सिद्धार्थनगर 20.33%, संभल 20.29% ।
SiR: यूपी में 2.89 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटेंगे, 31 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची आएगी 1.11 करोड़ वोटर को नोटिस भेजा जाएगा
27 दिसंबर 2025
लखनऊ । यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की अंतिम तिथि शुक्रवार को समाप्त हो गई। मतदाता सूची में 15.44 करोड़ नाम हैं और इसमें से 2.89 करोड़ नाम काटे जाएंगे। दूसरी ओर 1.11 करोड़ वोटरों को नोटिस भेजा जाएगा।
प्रदेश में जिन 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाएंगे, उनमें 1.26 करोड़ स्थानांतरित, 46 लाख मृत, 23.70 लाख डुप्लीकेट, 83.73 लाख अनुपस्थित और 9.57 लाख अन्य श्रेणी के मतदाता हैं। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 31 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी।
ड्राफ्ट मतदाता सूची पर 30 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। 31 दिसंबर से लेकर 21 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण में गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। फिर 28 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। बीते 11 दिसंबर को एसआईआर की तारीख दूसरी बार दो हफ्ते बढ़ाकर 26 दिसंबर कर दी गई थी।
SIR 15 दिन और बढ़ा, उत्तर प्रदेश में गणना अवधि 26 दिसम्बर तक और मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन 31 दिसंबर को
लखनऊ। निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। अब उत्तर प्रदेश में गणना अवधि 26 दिसंबर तक और मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन 31 दिसंबर को होगा। पहले गणना 11 दिसंबर तक पूरी कर 16 दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित करने का कार्यक्रम था। इससे पहले 30 नवंबर को एसआईआर के लिए एक सप्ताह का समय बढ़ाया गया था। इसके अलावा एसआईआर के लिए पांच अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भी समयसीमा बढ़ाई गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि यह समय इसलिए मांगा गया था ताकि जिलों में मृतक, शिफ्टेड और अनुपस्थित मतदाताओं का पुनः सत्यापन बेहतर तरीके से कराया जा सके और मतदाता सूची को ज्यादा सटीक बनाया जा सके। आयोग की ओर से जारी नए कार्यक्रम के अनुसार मसौदा मतदाता सूची प्रकाशन के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 31 दिसंबर, 2025 से 30 जनवरी, 2026 तक तय की गई है।
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट है कि 31 दिसंबर, 2025 से 21 फरवरी, 2026 तक नोटिस चरण में सभी गणना प्रपत्रों पर निर्णय लिया जाएगा और दावे-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी, 2026 को किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार समय वृद्धि से जिलों को मृतक, स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाताओं के मामलों की दोबारा जांच करने का अवसर मिलेगा। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपनी प्रविष्टियां जांच लें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो दावे-आपत्तियों की निर्धारित अवधि में आवेदन अवश्य करें। जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी स्तर पर शिविरों, सहायता केंद्रों और ऑनलाइन माध्यमों के जरिये लोगों को सहयोग प्रदान किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया की समय सीमा को एक हफ्ते के लिए बढ़ाया
चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए SIR प्रक्रिया की समय सीमा को एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है। पहले, SIR की अंतिम तारीख 4 दिसंबर निर्धारित की गई थी, लेकिन अब इसे 7 दिन और बढ़ा दिया गया है। यह फैसला SIR प्रक्रिया में हो रही देरी को देखते हुए लिया गया है।
इस फैसले के तहत, अब सभी 12 राज्यों के लिए SIR प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 7 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। चुनाव आयोग ने इस संबंध में नए निर्देश जारी कर दिए हैं, जो संबंधित राज्यों को भेजे गए हैं। इस बढ़ी हुई समय सीमा से राज्यों को SIR प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी।
ऐसे भरें SiR गणना प्रपत्र
वर्ष 2003 की मतदाता सूची में आसानी से ढूंढ सकते हैं अपना नाम, देखें स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
लखनऊ। यूपी के सीईओ नवदीप रिणवा ने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में प्रत्येक मतदाता पं को अपना गणना प्रपत्र सही से भरकर ने और हस्ताक्षर करने के बाद 4 दिसंबर न तक अपने बीएलओ को उपलब्ध - कराना है। वर्ष 2003 में तैयार मतदाता सूची में अपना या अपने संबंधी का विवरण खोजने के लिए
वेब पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर जाएं।
Search Your Name in Last SIR पर क्लिक करें।
Search by Elector Details टैब पर जाएं
और ऐसा कर अपने या अपने संबंधी का ब्योरा आसानी से खोज सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर वर्ष 2002-2004 की अवधि में मतदाता भारत के किसी अन्य राज्य में रहा हो तो उस राज्य में उस अवधि में संपन्न हुए एसआईआर के बाद तैयार मतदाता सूची भी इस वेब पोर्टल पर उपलब्ध है। गणना प्रपत्र को वेब पोर्टल पर ही ऑनलाइन भी भरने की सुविधा भी उपलब्ध है।
सीईओ ने बताया कि मतदाता पोर्टल पर जाकर अपना एपिक नंबर दर्ज कर अपने बीएलओ का नाम व फोन नंबर पता कर सकते हैं। पोर्टल के माध्यम से बीएलओ के साथ कॉल बुक करने की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने पर मतदाता के क्षेत्र के बीएलओ को यह नोटिफिकेशन जाता है कि आप उससे बात करना चाहते हैं और उनका नाम व मोबाइल नंबर बीएलओ एप पर प्रदर्शित होता है।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं के लिए हेल्पलाइन भी उपलब्ध है। जिले के एसटीडी कोड के साथ 1950 डायल करने पर घंटी उस जिले के जिला संपर्क केंद्र पर जाती है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और नगर आयुक्तों को नगरीय इलाकों में अधिक से अधिक हेल्प डेस्क संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया उत्तर प्रदेश में अभी तक 3 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का संग्रह और डिजिटाइजेशन का कार्य बीएलओ कर चुके हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से एसआईआर प्रक्रिया में पूर्ण उत्साह के साथ भाग लेने और अपने बीएलओ का सहयोग करने की अपील भी की। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को भी अपने क्षेत्र के बीएलओ के साथ सहयोग करना चाहिए। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई क्षेत्र बीएलओ के भ्रमण से न छूटे।
जानिए SiR फॉर्म भरने का सही और अधिकृत तरीका उदाहरण और निर्देशों सहित
SiR : ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन विकल्प भी उपलब्ध, जानिए कैसे भरें फॉर्म?
लखनऊ । मतदाता सूची संशोधन कार्यक्रम के बीच जिले में एसआईआर फॉर्म भरने को लेकर मतदाताओं की चिंताओं को दूर करने के लिए स्पष्ट कर दिया है कि गणना प्रपत्रों को घर-घर पहुंचकर ऑफलाइन भरवाया जा रहा है। यदि किसी को दिक्कत आती है तो उनके लिए ऑनलाइन विकल्प भी पहले की तरह उपलब्ध हैं। बीएलओ अपने-अपने क्षेत्र में पहुंचकर प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। लोगों को आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की तकनीकी दिक्कत न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
मतदाता चाहे तो ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते हैं। इसके लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर एसआईआर फॉर्म उपलब्ध है। एपिक आईडी और मोबाइल नंबर से आने वाले ओटीपी की मदद से लॉगिन कर फॉर्म आसानी से भरा जा सकता है। हालांकि यह सुविधा केवल उन्हीं के लिए है जिनका मोबाइल नंबर पहले से वोटर आईडी कार्ड से लिंक है।
जिन लोगों का मोवाइल नंबर लिंक नहीं है या ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है, उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे सभी मतदाता सीधे अपने बीएलओ से संपर्क कर ऑफलाइन फॉर्म भर सकते हैं। डीएम ने साफ किया है कि किसी भी मतदाता का आवेदन सिर्फ ऑनलाइन न भर पाने की वजह से लंबित नहीं रहेगा।
मोबाइल लिंक न हो या तकनीकी दिक्कत आए तो क्या करें?
अगर मोबाइल लिंक नहीं है, ओटीपी नहीं आ रहा, वेबसाइट न चल रही हो, दस्तावेज अपलोड न हो पा रहे हों तो चिंता की जरूरत नहीं है। सीधे अपने बीएलओ से संपर्क करें, वे आपके क्षेत्र में प्रपत्र बांट रहे हैं। वे फॉर्म स्वयं भरवाकर जमा भी करते हैं।
ऑनलाइन फॉर्म के लिए आधिकारिक वेबसाइट
मतदाता एसआईआर फॉर्म भरने के लिए भारतीय चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/login का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा यह प्रपत्र वोटर हेल्पलाइन एप से भी भरा जा सकता है। इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। एप पर जाकर सर्विस में इनुमेरेशन फॉर्म पर क्लिक करें, अपना प्रदेश चुने। इसके बाद एपिक नंबर भरकर ओटीपी लें। इसके बाद फॉर्म भर सकते हैं।
किसे मिलेगी ऑनलाइन सुविधा ?
ऑनलाइन फॉर्म केवल उन्हीं मतदाताओं के लिए उपलब्ध है।
जिनका मोबाइल नंबर वोटर आईडी कार्ड से लिंक है।
अगर मोबाइल लिंक नहीं है, तो सिस्टम लॉगिन नहीं होने देगा।
जानें कैसे भरें ऑनलाइन फॉर्म
वेबसाइट खोलें - https://voters.eci.gov.in/login
लॉगिन/रजिस्टर पर क्लिक करें
एपिक नंबर (वोटर आईडी नंबर) और मोबाइल नंबर दर्ज करें
मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को डालकर लॉगिन करें
अपनी जरूरत के अनुसार फ़ॉर्म चुनेंः
फॉर्म-6: नया नाम जोड़ने के लिए
फॉर्म-7: नाम हटाने के लिए
फॉर्म-8: संशोधन/सुधार के लिए
मांगी गई जानकारी ध्यान से भरें
पहचान पत्र / पता प्रमाण अपलोड करें
फॉर्म सबमिट करने के बाद एकनॉलेजमेंट नंबर प्राप्त करें
यह नंबर आगे स्टेटस ट्रैक करने में काम आएगा।
फॉर्म भरते समय इन सावधानियों का जरूर रखें ध्यान
वही मोबाइल नंबर दर्ज करें जो आपके नाम से रजिस्टर्ड हो
दस्तावेज साफ-सुथरी फोटो में अपलोड करें
पता वही लिखें जहां आप वास्तव में रहते हैं
नाम, जन्मतिथि, पिता/पति का नाम सही व एक समान स्पेलिंग में भरें
फॉर्म सबमिट करते समय पेज रिफ्रेश न करें
सबमिट होने के बाद एकनॉलेजमेंट नंबर जरूर नोट करें
प्रयागराज। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के मतदाताओं को प्रपत्र तो मिल गए हैं, लेकिन पहला सवाल यही है कि आखिर इसे भरें कैसे ? बीएलओ खुद नहीं बता पा रहे हैं कि वोटर को करना क्या है? प्रपत्र भरने में आपको भी अगर कोई संशय है तो परेशान न हों। निर्वाचन आयोग ने अपनी वेबसाइट पर इसके नियम को विस्तार से बताया है।
आपको सबसे पहले निर्वाचन आयोग की वेबसाइट http://ceouttarpradesh.nic.in पर जाना होगा। वेबसाइट पर क्लिक करते ही आपके सामने तीन क्यूआर कोड खुल जाएंगे। पहला क्यूआर कोड सीईओ यूपी वेबसाइट का है, दूसरा एसआईआर और तीसरा वोटर हेल्पलाइन एप का भी है। आपको अपने मोबाइल से एसआईआर वाला क्यूआर कोड अपने मोबाइल से स्कैन करना होगा।
सर्विस कॉलम में जाकर एसआईआर 2026 खोलें जब आप एसआईआर वाला क्यूआर कोड स्कैन करते हैं तो सबसे पहले बिहार एसआईआर का अंतिम प्रकाशन आएगा। इसके बाद नए मतदाता बनने के लिए फॉर्म, नाम हटवाने के फॉर्म, विधानसभा क्षेत्र बदलने के आवेदन, एनआरआई, कश्मीर से विस्थापित मतदाताओं के लिए फॉर्म आएगा। इसके बाद सर्विस कॉलम में सबसे पहले एसआईआर प्रपत्र भरने का कॉलम आएगा। यहां पर मतदाता पहचान पत्र नंबर और दिया गया कैप्चा भरने के बाद आपका प्रपत्र खुल जाएगा और इसे कैसे भरना है वो आयोग की वेबसाइट पर बताया जाएगा।
वोटर हेल्पलाइन से बीएलओ की जानकारी करें
अगर आपको अपने बीएलओ की जानकारी नहीं है तो आयोग की वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर दिए वोटर हेल्पलाइन एप के क्यूआर कोड को स्कैन करें और इसे स्कैन करते ही मोबाइल पर एप आएगा। पुष्टि के लिए मोबाइल नंबर मांगेगा। सावधानी यह बरतनी है कि वो मोबाइल नंबर दें जो आपके पास ही रहता है। क्योंकि इस नंबर पर ओटीपी आएगा और ओटीपी भरते ही आपके सामने वोटर हेल्पलाइन एप खुल जाएगा। इसमें नो योर बीएलओ (अपने बीएलओ को जाने) कॉलम में जाएं और मांगी गई सूचना भरने यानी अपना मतदाता पहचान पत्र देने के बाद आपके बीएलओ की जानकारी मिल जाएगी।
नए मतदाता भी भर सकते हैं फॉर्म
एसआईआर शुरू होने के साथ ही मतदाता सूची फ्रीज करने की बात कही गई थी। अगर आप एक जनवरी 2026 को 18 साल की आयु पूरी कर रहे हैं तो आप भी आवेदन कर सकते हैं। आपको आयोग की वेबसाइट पर दिए गए फॉर्म छह को भरना होगा। अगर किसी का नाम मतदाता सूची से हटना है, जैसे किसी के परिवार में किसी की मृत्यु हो गई है तो फॉर्म सात भरना होगा। विधानसभा क्षेत्र बदलने की स्थिति में फॉर्म आठ भरना होगा। निश्चित ही एसआईआर के दौरान नए वोटरों का नाम सूची में शामिल नहीं होगा लेकिन पंजीकरण हो जाएगा। सात फरवरी को अंतिम प्रकाशन जैसे ही होगा, नए वोटरों का नाम सूची में जुड़ना शुरू हो जाएगा।