राज्य पेंशनर सलाहकार समिति की बैठक में पेंशनरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर समाधान का मिला भरोसा
लखनऊ। राज्य पेंशनर सलाहकार समिति की बैठक में पेंशनरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव, वित्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुरानी पेंशन बहाली, डीए-डीआर के 48 माह के एरियर, चिकित्सा सुविधा और पारिवारिक पेंशन समेत कई मांगें उठीं।
संगठन के मुताबिक बैठक में स्पष्ट किया गया कि पुरानी पेंशन बहाली का मामला पहले ही केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। 48 माह के डीए-डीआर एरियर का भुगतान केंद्र सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा। चिकित्सा प्रतिपूर्ति में आ रही दिक्कतों को देखते हुए फिलहाल पेंशनरों के लिए पहले की तरह भौतिक दावा प्रस्तुत करने की व्यवस्था जारी रखने पर सहमति बनी।
आश्रित पेंशनरों के लिए न्यूनतम आय सीमा 3500 रुपये के बजाय समय-समय पर संशोधित न्यूनतम पेंशन के बराबर करने पर सहमति बनी। सेवानिवृत्त शिक्षकों को कार्यरत शिक्षकों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने पर भी जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। बैठक में पेंशन की राशि पर कटौती अवधि 15 से घटाकर 11 वर्ष करने की मांग भी उठाई गई। मामले को केंद्र सरकार को फिर भेजने का आश्वासन दिया गया।