NPS सदस्यों को मिल सकती है सुनिश्चित पेंशन, वित्त मंत्रालय से बात कर रहा PFRDA, कोष प्रबंधक बनाएंगे नई व्यवस्था
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में अब बाजार के उतार-चढ़ाव से अलग सुनिश्चित रिटर्न या पेंशन भुगतान का विकल्प मिल सकता है। पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण ऐसी योजना शुरू करने के लिए वित्त मंत्रालय से बातचीत कर रहा है। हालांकि, योजना अभी शुरुआती स्तर पर है।
एनपीएस मूल रूप से अंशदान आधारित व्यवस्था है और इसमें पहले से निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती। इसी को देखते हुए प्राधिकरण 'न्यूनतम सुनिश्चित रिटर्न योजना' तैयार कर रहा है। इसका मकसद ऐसे निवेशकों को विकल्प देना है, जो बाजार से जुड़े रिटर्न के बजाय सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित आय को प्राथमिकता देते हैं।
अभी एनपीएस में मिलने वाला अंतिम लाभ निवेश के बाजार प्रदर्शन पर निर्भर करता है। गारंटीशुदा भुगतान देने के लिए पेंशन कोष प्रबंधकों को बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से अपने निवेश का बचाव करना होगा, इसलिए ऐसी व्यवस्था बनाने पर है, जिसमें अंशधारकों को सुरक्षा मिले और लागत भी नियंत्रण में रहे।
पहले भी आया था इसका प्रस्ताव
एनपीएस में सुनिश्चित भुगतान का विचार नया नहीं है। पीएफआरडीए ने सितंबर 2025 में इस संबंध में परामर्श पत्र जारी किया था। इसके बाद जनवरी 2026 में नियामक ने नियमित पेंशन भुगतान से जुड़े ढांचे पर सलाह देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी बनाई। समिति को सुनिश्चित भुगतान के लिए नियम और नियामकीय ढांचा तैयार करने, निकासी सीमा, लॉक-इन अवधि, शुल्क, जोखिम प्रबंधन और कर से जुड़े पहलुओं पर सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई है।
एक साल में कई बड़े बदलाव
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दिसंबर 2025 में 12 लाख रुपये से अधिक की बचत वाले अंशधारकों के लिए निकासी के समय एकमुश्त रकम की सीमा 60 फीसदी से बढ़ाकर 80 फीसदी कर दी गई।
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पेंशन कोषों को एनपीएस की रकम का कुछ हिस्सा जिंसों में लगाने की अनुमति दी गई। जनवरी 2026 में बैंकों को अपने पेंशन कोष प्रायोजित करने से जुड़ा नया ढांचा भी मंजूर किया गया।
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जनवरी 2026 में ऐसा ढांचा मंजूर किया गया, जिसके तहत अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक स्वतंत्र रूप से एनपीएस परिसंपत्तियों का प्रबंधन करने वाले पेंशन फंडों को प्रायोजित कर सकेंगे।
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एनपीएस वात्सल्य के एग्जिट नियमों में भी भी ढील दी गई। एनपीएस वात्सल्य के तहत माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों के लिए एनपीएस खाते खोल सकते हैं।
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जून 2026 में पीएफआरडीए ने ग्राहक सेवा केंद्रों (पीओपी) के लिए ऑडिट नियमों को और कड़ा किया गया। इन केंद्रों के माध्यम से ग्राहक एनपीएस खाते खोलते और संचालित करते हैं।
पेंशन कोष प्रबंधकों के लिए मौके बढ़ेंगे
सूत्रों के अनुसार, सुनिश्चित रिटर्न देने के लिए जोखिम से बचाव की व्यवस्था करनी होगी, जिससे योजना की लागत बढ़ सकती है। पीएफआरडीए की कोशिश है कि गारंटी देने के बावजूद एनपीएस की सबसे बड़ी खासियत यानी कम लागत बनी रहे। इसके लिए पेंशन कोषों को वायदा अनुबंध बाजार तक पहुंच देने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। फिलहाल पेंशन कोषों को वायदा अनुबंध बाजार का इस्तेमाल सीमित और शर्तों के साथ करने की अनुमति है।