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Thursday, September 17, 2026

यूपी : जनगणना में इस बार दर्ज होगी जाति, जो बताएंगे वही लिखी जाएगी, 16 नवंबर से स्व-गणना का मौका, एक दिसंबर से घर पहुंचेंगे गणनाकर्मी

यूपी : जनगणना में इस बार दर्ज होगी जाति, जो बताएंगे वही लिखी जाएगी, 16 नवंबर से स्व-गणना का मौका, एक दिसंबर से घर पहुंचेंगे गणनाकर्मी

17 सितंबर 2026
लखनऊ : जनगणना-2027 में इस बार जाति की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। खास बात यह होगी कि किसी तय सूची से जाति चुनने के बजाय व्यक्ति जो बताएगा, उसकी जाति वही दर्ज की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति जाति की जानकारी नहीं देना चाहता है तो इसके लिए भी एप में विकल्प उपलब्ध रहेगा। जनगणना के दूसरे और अंतिम चरण से पहले बुधवार को राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण शुरू हो गया। चार दिन का यह प्रशिक्षण 19 सितंबर तक लखनऊ के दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में चलेगा।

जनगणना के प्रोफार्मा में जाति से जुड़ा सवाल 10वें नंबर पर है। इस सवाल के जवाब में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य जातियों की जानकारी दर्ज की जाएगी। पूर्व की जनगणना में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जातियों का विवरण दर्ज नहीं किया जाता था। इसके अलावा नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, मातृभाषा, अन्य भाषाओं की जानकारी, डिजिटल साक्षरता, शिक्षा और व्यवसाय से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। कुल 40 सवालों के जवाब से परिवार और उसके सदस्यों का विवरण तैयार होगा।

जनसंख्या की गणना एक दिसंबर से चार जनवरी तक घर-घर जाकर होगी। इससे पहले 16 से 30 नवंबर तक निवासी स्व-गणना कर सकेंगे। इसके बाद मिलने वाली स्व-गणना आइडी गणनाकर्मी को देने पर संबंधित गणना ब्लाक में विवरण दर्ज किया जाएगा। जनगणना का संदर्भ समय पांच जनवरी की रात 12 बजे होगा। पांच से नौ जनवरी तक पुनरीक्षण किया जाएगा। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी व निदेशक शीतल वर्मा ने प्रशिक्षण के शुभारंभ पर कहा कि गणना में कोई घर या व्यक्ति छूटे नहीं और किसी की दोहरी गणना न हो, इस पर विशेष ध्यान देना होगा। 

प्रदेश के 305 मास्टर ट्रेनर करीब 7,500 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे। फील्ड ट्रेनर आगे तहसील और नगर निकाय स्तर पर 5.63 लाख गणनाकर्मियों व पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। पहले चार बैचों का प्रशिक्षण 16 से 19 सितंबर और शेष चार बैचों का 23 से 26 सितंबर तक होगा। इसमें प्रश्नावली, गणना प्रक्रिया, डिजिटल माध्यम, कवरेज और गुणवत्ता की जानकारी दी जाएगी। प्रदेश में 75 जिले, 350 तहसील, 17 नगर निगम, 783 वैधानिक नगर, 1,195 चार्ज, 207 बाहरी विस्तार क्षेत्र, 14,979 वार्ड, 276 जनगणना नगर और 1,04,004 गांव हैं। इनके लिए 4,78,783 गणना ब्लाक बनाए गए हैं।



जनगणना के दूसरे चरण की तैयारी कल से मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण, 16 से 19 सितंबर तक लखनऊ में होगी ट्रेनिंग, जिले में जाकर मास्टर ट्रेनर देंगे प्रशिक्षण

एक दिसंबर से चार जनवरी तक होगी घर-घर जनगणना, छह लाख से अधिक कर्मी लगेंगे

15 सितंबर 2026
लखनऊः उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के दूसरे और अंतिम चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। एक दिसंबर से चार जनवरी तक घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी। इससे पहले 16 से 19 सितंबर तक राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण लखनऊ स्थित दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण लेने के बाद मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों में जाकर अन्य कर्मचारियों को जनगणना का प्रशिक्षण देंगे। 

जनगणना शुरू होने से पहले नागरिकों को 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना की सुविधा मिलेगी। इसके तहत लोग घर बैठे अपनी और परिवार के सदस्यों की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। दूसरे चरण में प्रदेश में छह लाख से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इस बार जनगणना में कुल 40 सवालों के जवाब देने होंगे। 

इनमें पहली बार जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, मातृभाषा और अन्य भाषाओं की जानकारी ली जाएगी। डिजिटल साक्षरता, शिक्षा, व्यवसाय तथा उद्योग, व्यापार एवं सेवा के स्वरूप से जुड़े सवाल भी होंगे। जन्म स्थान, पहले कहां रहते थे और स्थायी निवास का पता भी दर्ज किया जाएगा। परिवार में बच्चों की संख्या, कोविड-19 टीकाकरण का स्थान, बैंक खातों की कुल संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आइडी, उपलब्धता के आधार पर पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी



स्वगणना में बताना होगा किस शहर में लगवाया था कोविड का टीका

ऑनलाइन स्वगणना के तहत देने होंगे 40 सवालों के जवाब, 16 नवंबर से होगी उत्तर प्रदेश में शुरुआत

14 सितम्बर 2026
प्रयागराज। जनगणना-2027 के दूसरे चरण के तहत स्वगणना की शुरुआत 16 नवंबर से होगी। कुल 40 सवालों के जवाब कुल 40 देने होंगे जिसमें कोविड-19 टीकाकरण के स्थान के बारे में भी बताना होगा।

इससे आंकड़े स्पष्ट होंगे कि कितने लोगों ने टीका लगवाया और किस शहर में कितने टीके लगाए गए। स्वगणना 30 नवंबर तक चलेगी। इसके साथ ही आर्थिक व गैर आर्थिक क्रियाकलाप के बारे में भी बताना हो।

विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और संबंध विच्छेदित महिला को वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या, कभी भी जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या के बारे में भी जानकारी देनी होगी। साथ ही बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हो), आधार नंबर (यदि उपलब्ध हो), वोटर आईडी नंबर (यदि उपलब्ध हो), पासपोर्ट नंबर (यदि हो तो) बताना होगा। ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी देनी होगी।

ये जानकारियां भी देनी होंगी
व्यक्ति का नाम, मुखिया से संबंध, जेंडर, जन्मतिथि व आयु, वर्तमान वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, पति/पत्नी का नाम, घोषित राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, माता-पिता का विवरण, निःशक्तता, व्यवसाय, उद्योग, व्यापार अथवा सेवा का स्वरूप, कर्मी का वर्ग, कार्यस्थल तक की यात्रा, जन्म स्थान, पूर्व निवास स्थान, स्थान परिवर्तन का कारण, स्थायी निवास स्थान का पता।

भाषा और शिक्षा पर भी होगा विशेष जोर
दूसरे चरण में भाषा व शिक्षा से जुड़ी जानकारियों पर भी विशेष जोर रहेगा। इसके तहत मातृभाषा एवं अन्य भाषाओं का ज्ञान, साक्षरता एवं डिजिटल साक्षरता की स्थिति, शैक्षणिक संस्थान में शिक्षा की तिथि, प्राप्त शिक्षा का उच्चतम स्तर और संकाय/विषय के बारे में बताना होगा।



यूपी में जनगणना का दूसरा चरण 16 नवंबर से, लोगों को मिलेगा स्वगणना का मौका

एक दिसंबर से जनगणना का अंतिम चरण,  पांच जनवरी तक की आबादी होगी दर्ज,  16 नवंबर से 30 नवंबर तक लोगों को दूसरे चरण में भी स्वगणना की रहेगी सुविधा

विधान सभा चुनाव के कारण बदला कार्यक्रम, छह लाख से अधिक कर्मी लगाए जाएंगे

06 सितंबर 2026
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव से पहले जनगणना-2027 का दूसरा और अंतिम चरण पूरा करा लिया जाएगा। एक दिसंबर से चार जनवरी तक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना होगी। पांच जनवरी की रात 12 बजे तक की जनसंख्या को जनगणना में शामिल किया जाएगा। इसके बाद पांच से नौ जनवरी तक गणना के आंकड़ों का पुनरीक्षण होगा। शनिवार को जनगणना को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस चरण में प्रदेश में छह लाख से अधिक कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

जनगणना निदेशालय के अनुसार, घर-घर गणना शुरू होने से पहले नागरिकों को 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना का मौका मिलेगा। इसके तहत लोग अपनी और अपने परिवार से जुड़ी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर जनगणना कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। प्रदेश में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण 16 सितंबर से शुरू होकर इसी माह पूरा करने का लक्ष्य है। पहले जनगणना के दूसरे चरण का कार्यक्रम नौ से 28 फरवरी 2027 तक तय किया गया था। इसके लिए एक मार्च 2027 को संदर्भ तिथि निर्धारित की गई थी। अगले वर्ष होने वाले विधान सभा चुनाव को देखते हुए अब कार्यक्रम में बदलाव कर इसे पहले पूरा करने का निर्णय लिया गया है। 

जनगणना का यह दूसरा चरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें पहली बार जातिगत जनगणना की जाएगी। इस दौरान लोगों से करीब 40 सवालों के जवाब लिए जाएंगे। इनमें मातृभाषा और अन्य भाषाओं का ज्ञान, डिजिटल साक्षरता, शिक्षा, व्यवसाय, उद्योग, व्यापार एवं सेवा का स्वरूप, जन्म स्थान, पूर्व निवास स्थान और स्थायी निवास का पता शामिल है। इसके अलावा परिवार में बच्चों की संख्या, कोविड-19 टीकाकरण का स्थान, बैंक खातों की कुल संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आइडी, पासपोर्ट नंबर (यदि उपलब्ध हो) और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।






यूपी में जनगणना चुनाव से पहले दिसंबर में, फरवरी 2027 में प्रस्तावित जनगणना अब दिसंबर में ही शुरू कराने की कवायद तेज

2 सितंबर 2026
लखनऊ। विधानसभा चुनाव और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों के कारण प्रदेश में जनगणना का कार्यक्रम बदलने की तैयारी है। फरवरी 2027 में प्रस्तावित जनगणना अब दिसंबर में ही शुरू कराने की कवायद तेज हो गई है। गृह मंत्रालय से मिले संकेतों के बाद जनगणना निदेशालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को निदेशालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के साथ प्रशिक्षण हुआ। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में भी अफसरों ने बैठक कर जनगणना को लेकर रणनीति तैयार की।


प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक एक दिसंबर 2026 से जनगणना शुरू होकर पांच जनवरी 2027 तक चलेगी। इसके बाद महज पांच दिन में डाटा तैयार कर 10 जनवरी तक गृह मंत्रालय को भेजने का लक्ष्य है। यानी जनगणना निदेशालय और जिला प्रशासन के पास अब पूरी प्रक्रिया की तैयारी के लिए करीब 90 दिन ही बचे हैं। इसे देखकर अधिकारियों को पसीना आने लगा है। कर्मचारियों का चयन, उनके प्रशिक्षण, क्षेत्रवार ड्यूटी तय करना, फील्ड का निर्धारण व अन्य व्यवस्थाएं कम समय में पूरी करनी होंगी।


चुनाव और परीक्षा के कारण बदला कार्यक्रम

जनगणना का कार्यक्रम बदलने के पीछे विधानसभा चुनाव और बोर्ड परीक्षा प्रमुख वजह माना जा रहा है। प्रदेश सरकार का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त हो रहा है। इससे पहले विधानसभा चुनाव होना है। इसी दौरान यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी प्रस्तावित रहती हैं। जिलाधिकारी विशाख जी ने सितम्बर माह में ही जनगणना की सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई, जिसमें कार्मिकों की उपलब्धता, प्रशिक्षण, चार्ज निर्धारण, मानचित्रों के सत्यापन तथा एचएलबी/ईवी के पुनर्गठन की समीक्षा की गई।

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