शादीशुदा दिव्यांग बेटे को भी CGHS से मुफ्त इलाज, पहले कुंवारे दिव्यांग बेटे को ही आश्रित मानकर आजीवन मिलती थीं सुविधाएं
केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों के शादीशुदा बेटों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी बड़ी राहत
प्रयागराज। केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों के शादीशुदा दिव्यांग बेटों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ी राहत प्रदान की है। दिव्यांग बेटे अब शादी करने के बाद भी सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) से मुफ्त इलाज की सुविधा आजीवन प्राप्त कर सकेंगे।
पहले सिर्फ कुंवारे दिव्यांग बेटे को ही सीजीएचएस की सुविधाएं आजीवन मिलती थीं। क्योंकि, शादी के बाद मान लिया जाता था कि जब पत्नी उस पर आश्रित हो गई है तो बेटा अपने माता या पिता पर कैसे आश्रित हो सकता है। इस आधार पर शादीशुदा दिव्यांग बेटे के लिए सीजीएचएस के दरवाजे बंद हो जाते थे।
काफी समय से यह मांग की जा रही थी। इस आधार पर अब केंद्र सरकार ने शादीशुदा दिव्यांग बेटे को भी आश्रित की श्रेणी में रखते हुए सीजीएचएस की सुविधाएं देने का निर्णय लिया है। इस आदेश के जारी होने से पहले सीजीएचएस प्रयागराज के अपर निदेशक कार्यालय में दो से तीन मामले आए थे, लेकिन उस वक्त ऐसी कोई सुविधा न होने के कारण लौटा दिया गया था।
सीजीएचएस के सूत्रों ने बताया कि नया आदेश आने के बाद संबंधित अनुभाग को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसा कोई मामला आता है तो आवेदन स्वीकार करते हुए शादीशुदा दिव्यांग बेटे को लाभ दिया जाए।