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Monday, April 6, 2026

आयकर : सभी ITR फार्म अधिसूचित, आज से जमा करें रिटर्न

दो मकानों से मिले किराए और 1.25 लाख तक शेयर और म्यूचुअल फंड से होने वाले लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ होने पर भी आईटीआर-1 फॉर्म भर सकेंगे 


नई दिल्ली। आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए सभी आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म जारी कर दिए हैं। खास बात यह है कि इस बार विभाग ने करदाताओं को राहत देते हुए आईटीआर-1 में अहम बदलाव किए हैं। अब दो घरों से होने वाली किराये की आय आईटीआर-1 में भी दिखाई जा सकती है। इससे जिन लोगों के दो घर हैं, उन्हें अब आईटीआर-2 भरने की जरूरत नहीं होगी। पुराने नियमों में यदि किसी करदाता के पास दो घर हैं और दोनों से किराया आ रहा है, तो वह आईटीआर-1 नहीं भर सकता था। उसे आईटीआर-2 का इस्तेमाल करना होता था। लेकिन अब सरकार ने ऐसे करदाताओं को राहत देते हुए उन्हें आईटीआर-1 के दायरे में शामिल कर लिया है। यह उन लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत है, जिन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद निवेश के तौर पर दूसरा घर खरीदा है और उससे किराया कमा रहेहैं। हालांकि, करदाता की कुल सालाना आय 50 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।


सावधानी बरतनी होगीः इसके साथ ही ऐसे करदाताओं को सावधानी भी बरतनी होगी। उनकी किराये हुई आय, नगर निगम को दिया टैक्स और कर कटौती का पूरा विवरण 'वार्षिक कर सूचना (एआईएस) से हूबहू मिलना चाहिए। यदि एआईएस में दर्ज जानकारी और आईटीआर में विसंगति पाई गई, तो विभाग का एआई सिस्टम तुरंत नोटिस जारी कर देगा।


म्यूचुअल फंड का मुनाफा दिखा सकेंगे

अब तक का नियम यह था कि अगर कमाई वेतन के अलावा शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के मुनाफे (पूंजीगत लाभ) से होती थी, तो करदाता को अनिवार्य रूप से आईटीआर-2 फॉर्म भरना पड़ता था। लेकिन इस साल से करदाता सूचीबद्ध शेयर और म्यूचुअल फंड से होने वाले लंबी अवधि के के पूंजीगत लाभ को भी आईटीआर-1 में दिखा सकते हैं। हालांकि, इसमें एक बड़ी शर्त है यह मुनाफा ₹1.25 लाख तक ही होना चाहिए। यदि आपका मुनाफा इस सीमा से एक रुपया भी ज्यादा हुआ तो आईटीआर-2 भरना होगा। यदि गलती से आईटीआर-1 भर दिया तो रिटर्न अमान्य हो जाएगा।


करदाता इन मामलों में आईटीआर-2 ही भरें

 1. अगर करदाता की कुल सालाना आय 50 लाख रुपये से एक रुपये भी अधिक है।

2. अगर शेयर बाजार से लंबी अवधि का पूंजीगत लाभ 1.25 लाख रुपये से अधिक है।

3. अगर करदाता ने शेयर बेचकर छोटी अवधि में लाभ कमाया है, तो आईटीआर-2 ही भरना होगा।

4. अगर करदाता के पास विदेश में कोई संपत्ति है या विदेशी बैंक में खाता है।

5. अगर करदाता किसी कंपनी में निदेशक है या असूचीबद्ध शेयर है।

6. अगर करदाता की कृषि आय 5000 रुपये से अधिक है।


पूंजीगत लाभ की कर दरों में बदलाव

बजट 2024-25 में टैक्स की दरों को लेकर जो घोषणाएं की गई थीं, वह अब इस साल के रिटर्न में पूरी तरह लागू होंगी। पहले लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर अलग-अलग कर दर (10% और 12.5%) लागू होती थी। अब सरकार ने इसे सरल बनाने के लिए सभी निवेश संपत्तियों पर एलटीसीजी की दर 12.5% तय कर दी है।




आयकर : सभी ITR फार्म अधिसूचित, आज से जमा करें रिटर्न

 नई दिल्ली ।  आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए सभी सातों रिटर्न (आइटीआर) फार्म को अधिसूचित कर दिया है। छोटे और मध्यम करदाताओं के लिए आइटीर फार्म 1, 4 को 30 मार्च को अधिसूचित किया गया था, जबकि आइटीआर फार्म 2, 3, 5, 6 और 7 के साथ आइटीआर-यू (रिटर्न को अपडेट करने वाला फार्म) को मंगलवार को अधिसूचित किया गया।


आयकर विभाग ने कहा कि इस अधिसूचना के साथ व्यक्ति, व्यवसाय और अन्य संस्थाएं वित्त वर्ष 2025-26 (एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक) में अर्जित आय के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना शुरू कर सकते हैं। व्यक्तिगत और खातों के आडिट से छूट प्राप्त करदाताओं के लिए आइटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है।

किसके लिए कौन सा फार्म

आइटीआर-1 (सहज): सालाना 50 लाख रुपये तक की आय वाला कोई भी व्यक्ति सहज फार्म के जरिये आइटीआर फाइल कर सकता है। ऐसे करदाता की आय वेतन, एक मकान संपत्ति अन्य स्रोतों (ब्याज) से होनी चाहिए और कृषि से सालाना या पांच हजार रुपये हो।

आइटीआर-2: यह उन व्यक्तियों और एचयूएफ द्वारा फाइल किया जाता है, जिनकी आय किसी व्यवसाय या पेशे से होने वाले लाभ और मुनाफे से नहीं होती, बल्कि कैपिटल गेन्स से होती है।

आइटीआर-3: यह उन व्यक्तियों और एचयूएफ के लिए है, जो किसी प्रोपराइटरी बिजनेस या पेशे से आय अर्जित करते हैं।

आइटीआर-4 (सुगम) : सुगम को ऐसे व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) और फर्म (लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप को छोड़कर) फाइल कर सकते हैं, जिनकी कुल वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है। यह आय व्यापार तथा पेशे से होनी चाहिए।

आइटीआर-5: इस फार्म के जरिये फर्मों, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप और सहकारी समितियों द्वारा आयकर रिटर्न फाइल किया जाता है।

आइटीआर-6: इसके जरिये कंपनी अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड कंपनियों द्वारा रिटर्न फाइल किया जाता है।

आइटीआर-7: यह फार्म ट्रस्टों और धर्मार्थ संस्थाओं द्वारा आइटीआर जमा करने के लिए प्रयोग किया जाता है।


वित्त अधिनियम 2026 की अधिसूचना जारी

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने वित्त अधिनियम 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। इससे टैक्स नियमों में बदलाव लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। कानून और न्याय मंत्रालय की ओर से 30 मार्च को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि यह अधिनियम 2026-27 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को लागू करता है। पिछले सप्ताह ही संसद ने वित्त विधेयक 2026 को मंजूरी दी थी, जिससे एक अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष के लिए बजट प्रक्रिया पूरी हो गई।

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