नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए पहली बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार को पहली बार आठवें वेतन आयोग और नेशनल काउंसिल (JCM) स्टाफ साइड की पहली आधिकारिक बैठक हुई, जो करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस हाई लेवल मीटिंग में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्ते और पेंशन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इसमें आठवें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई खुद मौजूद रहीं।
कर्मचारी संगठनों की ओर से ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी और JCM (स्टाफ साइड) के नेता शिव गोपाल मिश्रा ने मोर्चा संभाला। बैठक के बाद स्टाफ साइड नेता ने बताया कि बातचीत का माहौल बेहद सकारात्मक रहा और अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई ने कर्मचारियों के मेमोरेंडम में उठाए गए बिंदुओं को काफी गंभीरता से सुना।
किन मुद्दों पर हुई मुख्य चर्चा?
शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि बैठक में JCM द्वारा सौंपे गए मेमोरेंडम के हर पहलू पर बात हुई। चर्चा के केंद्र में मुख्य रूप से ये मुद्दे रहे-
फिटमेंट फैक्टर: कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर (8th Pay Commission fitment factor) को बढ़ाने की है, जिससे बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल आएगा। JCM ने अपने मेमोरेंडम में 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है।
मिनिमम पे यानी न्यूनतम वेतन: महंगाई के दौर में न्यूनतम वेतन (8th Pay Commission minimum salary) के नए ढांचे पर आयोग का रुख जानने की कोशिश की गई। JCM ने न्यूनमत वेतन ₹69000 की मांग रखी है।
फैमिली यूनिट: JCM ने फैमिली यूनिट (8th Pay Commission family unit) को 3 से बढ़ाकर 5 करने की मांग की है। इस मुद्दे को मीटिंग में प्रमुखता से उठाया गया।
एनुअल इंक्रीमेंट: सालाना वेतन वृद्धि के प्रतिशत और उसे लागू करने के तरीके पर सुझाव दिए गए।
नए भत्ते और सुविधाएं: ड्यूटी अलाउंस के साथ-साथ कई नई जरूरी सुविधाओं और भत्तों को शामिल करने पर जोर दिया गया।
3 दिन चलेगा बैठकों का दौर
दिल्ली में शुरू हुआ चर्चाओं का यह दौर 28 अप्रैल से 30 अप्रैल तक लगातार तीन दिनों तक चलेगा। आठवें वेतन आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, देशभर के अनगिनत कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने इस चर्चा में शामिल होने की इच्छा जताई है। समय की कमी को देखते हुए फिलहाल सभी को इस दौर में मौका मिलना मुश्किल है, लेकिन आयोग ने साफ किया है कि यह सिर्फ शुरुआत है।
देशभर का दौरा करेगा आयोग
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक और राहत की बात यह है कि वेतन आयोग केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले महीनों में आयोग की टीम अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करेगी। दिल्ली-NCR से बाहर रहने वाले कर्मचारियों और हितधारकों को उनके अपने क्षेत्रों में जाकर अपनी बात रखने और सुझाव देने का पूरा मौका मिलेगा।