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Monday, April 20, 2026

आयकर से राहत पाने वालों के लिए भी ITR भरना फायदेमंद, इन मामलों में जरूर भरें आईटीआर

आयकर से राहत पाने वालों के लिए भी ITR भरना फायदेमंद, इन मामलों में जरूर भरें आईटीआर


नई दिल्ली। एक अप्रैल 2026 से नया वित्त वर्ष शुरू हो चुका है और करदाता आयकर रिटर्न दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं, जिनकी सालाना कमाई टैक्स स्लैब से कम है या कटौती के बाद उनकी कर देनदारी शून्य हो जाती है। ऐसे में उन्हें लगता है कि उन्हें आईटीआर भरने की जरूरत नहीं है। लेकिन कर विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसे मामलों में 'शून्य आईटीआर' दाखिल हो सकती है, जिसके कई फायदे हैं।


सभी के लिए जरूरी: आयकर नियमों के मुताबिक, उन सभी लोगों को आईटीआर जमा करना जरूरी है, जिनकी सकल आय मूल कर छूट की सीमा से अधिक है। कई लोगों को गलतफहमी रहती है कि यदि उनकी सालाना आय कर छूट सीमा से कम है तो आईटीआर भरना जरूरी नहीं है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस सीमा से कम आय होने पर टैक्स इसलिए नहीं देना पड़ता क्योंकि धारा 87ए के तहत पुरानी कर व्यवस्था में 12,500 रुपये और नई कर व्यवस्था में 60 हजार रुपये तक की छूट (रिबेट) मिलती है। लेकिन पुरानी कर व्यवस्था में कर छूट की वास्तविक सीमा अब सिर्फ 2.5 लाख रुपये है। वहीं, नई कर व्यवस्था में यह सीमा चार लाख रुपये है। यदि इससे एक रुपये भी अधिक आय है तो करदाता के लिए आईटीआर दाखिल करना जरूरी है, भले ही उनका टैक्स शून्य हो। इसे 'जीरो आईटीआर' भी कहते हैं।


इन मामलों में जरूर भरें आईटीआर

भारी-भरकम बिजली बिल का भुगतान करने पर 
नियमों के अनुसार, अगर करदाता ने एक वित्त वर्ष के दौरान कुल मिलाकर एक लाख रुपये या उससे अधिक का बिजली बिल चुकाया है, तो आपके लिए आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य है। भले ही उसकी कुल सालाना टैक्स स्लैब से कम हो।

2 विदेश यात्रा पर बड़ा खर्च होने पर 
अगर करदाता ने विदेश यात्रा पर दो लाख या उससे ज्यादा खर्च किए है तो आईटीआर भरना होगा। इस मामले में नियम बहुत स्पष्ट हैं। इसके अनुसार, विदेश यात्रा पर दो लाख से अधिक का खर्च उच्च श्रेणी के लेनदेन में शामिल होता है। इसके बारे में विभाग को सूचित करना जरूरी होता है।

3 खाते में बड़ी रकम जमा की हो 
यदि व्यक्त्ति ने अपने बचत खाते में 50 लाख या उससे ज्यादा की नकद राशि जमा की है, तो आईटीआर भरना जरूरी है। कई बार संपत्ति बेचने या निवेश की रकम प्राप्त होने पर इतनी बड़ी रकम खाते में प्राप्त होती है। बैंक इसकी जानकारी आयकर विभाग को देता है।

4 अगर किसी व्यक्ति का टीडीएस या टीसीएस 25,000 रुपये या उससे अधिक कटा है (बुजुर्गों के लिए ₹50,000) तो रिफंड लेने के लिए आईटीआर दाखिल करना होता है। इसके अलावा अगर कुल व्यावसायिक बिक्री 60 लाख रुपये से अधिक है, तब भी रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है

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