Searching...
Wednesday, August 26, 2020

सरकार ने दिए संकेत, यूपी में पंचायत चुनाव छह महीने बाद

5:46 AM
 

उत्तर प्रदेश सरकार त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव कोरोना संकट की वजह से टालने जा रही है। इस पर गंभीरता से विचार हो रहा है। यह संकेत मंगलवार को उच्च पदस्थ सूत्रों ने दिए। कोरोना के मद्देनजर प्रदेश सरकार पंचायत चुनाव फिलहाल छह महीने तक स्थगित करेगी। इस बाबत जल्द ही अंतिम निर्णय कर घोषणा की जाएगी। अगर हालात ठीक रहे तो छह महीने बाद प्रधानी के चुनाव होंगे।

सियासी दल जुटे थे तैयारी में
ऐसा तब है जबकि कमोवेश सभी सियासी दलों ने अपने-अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को पंचायत चुनाव में तैयारी करने को कहा था। भाजपा के साथ ही बसपा और अपना दल के बड़े नेताओं ने कार्यकर्ताओं को जुट जाने के निर्देश दिए थे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने तो कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद कर पुख्ता तैयारी शुरू कर दी थी। अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने भी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी। सरकार के फैसले से सियासी दलों की तैयारी को झटका लग सकता है।


ग्रामीण इलाकों में संक्रमण फैसले का खतरा
प्रदेश सरकार का मानना है कि चूंकि पंचायत चुनाव ग्रामीण इलाकों में होते हैं और सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ होती है। ऐसे में कोरोना संक्रमण ग्रामीण इलाकों में भयंकर रूप ले सकता है। लिहाजा, तय किया गया है कि इसे फिलहाल टाल दिया जाए। इसके लिए प्रदेश सरकार सभी दलों के साथ समन्यव करने पर भी विचार कर रही है। सरकार का कहना है कि पंचायत चुनावों के चक्कर में ग्रामीणों की जान को खतरे में नहीं डाला जा सकता।

पंचायत चुनाव की पूरी तैयारी भी नहीं हो सकी थी:

प्रदेश में करीब 59 हजार ग्राम पंचायतें हैं जिनका कार्यकाल आगामी 25 दिसंबर को खत्म हो रहा है। उससे पहले यह चुनाव होने चाहिए थे, जिसके लिए की जाने वाली तैयारियां कोरोना संकट की वजह से लगातार पिछड़ती जा रही हैं। परिसीमन, वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण, बैलेट पेपर की छपाई, चुनाव सामग्री जुटाने आदि के लिए अब बहुत कम समय बचा है। 75 जिला पंचायतों का कार्यकाल अगले साल 25 जनवरी तक है और 821 क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल अगले साल 21 मार्च तक है। 


अगले साल मार्च में कराने की उम्मीद
अनुमान लगाया जा रहा है कि अब ग्राम पंचायतों, जिला पंचायतों व क्षेत्र पंचायतों के चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में एक साथ करवाए जा सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से लेकर छह महीने के भीतर कभी भी चुनाव करवाए जा सकते हैं। 

मौजूदा ग्राम प्रधानों को बनाएं प्रशासक
राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के प्रवक्ता ललित शर्मा ने कहा है कि मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर उ.प्र.सरकार को भी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्यों को मिलाकर प्रशासनिक समिति का गठन करना चाहिए और मौजदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाकर उनसे ही कार्य करवाए जाने चाहिए।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसंख्‍या जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोन्‍नति प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स