नई दिल्ली। राज्यसभा में 28 जुलाई 2026 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) से जुड़े प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयोग अपनी कार्यप्रणाली स्वयं तय करेगा और सरकार को अपनी कार्यवाही, विचार-विमर्श अथवा कर्मचारी संगठनों से होने वाली परामर्श प्रक्रिया की नियमित जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 की अधिसूचना के तहत किया गया था। आयोग के कार्यक्षेत्र (Terms of Reference) में यह प्रावधान नहीं है कि वह अब तक हुई बैठकों की संख्या, कर्मचारी संगठनों से हुई वार्ताओं या विचाराधीन सिफारिशों की प्रगति सरकार को साझा करे।
सदन में यह भी पूछा गया था कि क्या कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर तय करने के लिए परिवार की इकाइयों की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 (माता-पिता सहित) करने की मांग उठाई है। इस पर भी सरकार ने कोई अलग विवरण उपलब्ध नहीं कराया और कहा कि आयोग अपनी स्वतंत्र प्रक्रिया के अनुसार कार्य करेगा।
सरकार ने हालांकि यह स्पष्ट किया है कि अधिसूचना के अनुसार 8वां केंद्रीय वेतन आयोग अपने गठन की तिथि से 18 माह के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा, जिन पर आगे निर्णय लिया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि फिलहाल आयोग की आंतरिक कार्यवाही और कर्मचारी संगठनों के साथ हुई चर्चाओं का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।