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Saturday, May 8, 2021

कर्मचारियों की गैर वित्तीय मांगों पर निर्णय लेने की मांग

कर्मचारियों की गैर वित्तीय मांगों पर निर्णय लेने की मांग 

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने उठाई मांग


लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार से गैर वित्तीय मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। परिषद का कहना है कि इन मांगों से सरकार पर वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा। संगठन की उच्चाधिकारियों के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन लिखित आश्वासन के बावजूद कोई भी मांग पूरी नहीं की गई है। 



परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने कहा कि चिकित्सालयों में नर्स, फार्मासिस्ट, एक्सरे टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट,  फिजियोथेरेपिस्ट, बेसिक हेल्‍थ वर्कर सहित विभिन्‍न कर्मी अग्रिम पंक्ति में आकर जनता की सेवा कर रहे हैं। लेकिन सरकार की ओर से कोरोना वारियर्स की वाजिब मांगों पर निर्णय न लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। 


नर्सेज संवर्ग ने केंद्र के समान पदनाम देने की मांग की है। पदनाम परिवर्तन से सरकार पर कोई वित्तीय भार भी नहीं आएगा। लेकिन समझौते के बावजूद पदनाम परिवर्तन नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि समान अवधि के डिप्लोमा होल्डर्स कर्मियों का वेतन एक समान रखने पर सहमति बन चुकी है, फिर भी शासन कोई निर्णय नहीं ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत इलेक्ट्रीशययन. कम जनरेटर ऑपरेटर के प्रत्येक जिला व बड़े अस्पतालों में एक ही पद हैं, लिहाजा उन्हें 24 घंटे कार्य करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि शासन से इनके पद बढ़ाने का अनुरोध किया गया था और इनका बेतन उच्चीकृत करने की बात हुई थी, लेकिन ये मांग भी लंबित है। एक्स-रें टेक्नीशियन का पदनाम केंद्र सरकार ने परिवर्तित कर दिया है। लेकिन यूपी में पदनाम परिवर्तन नहीं हो सका है। 


परिषद के अध्यक्ष सुरेश राबत व महामंत्री ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मांग की है कि पूर्व में हुए समझौतों के अनुसार सभी संवर्गो की मांगों पर तत्काल निर्णय कर शासनादेश निर्गत कराएं।

  
कई राज्यों में फार्मासिस्टों का पदनाम बदला 
प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि सभी फार्मासिस्ट पूर्व से ही ऐसे वेतनमान में पहुंच चुके हैं जहां प्राथमिक वेतनमान परिवर्तन होने से सरकार पर वित्तीय भार नहीं आएगा। फार्मासिस्ट संवर्ग में विशेष कार्य अधिकारी और संयुक्त निदेशक फार्मेंसी के पद वर्षों से प्रोन्‍्नत कर नहीं भरे गए। कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट में फार्मासिस्ट का पदनाम फार्मेसी अधिकारी और चीफ फार्मासिस्ट का पदनाम चीफ फार्मेंसी अधिकारी कर दिया है। लेकिन यूपी में मांग के बावजुद पदनाम नहीं बदला जा रहा है।

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