Searching...
Friday, September 10, 2021

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : दाखिल-खारिज या म्यूटेशन का मतलब मालिकाना हक नहीं

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : दाखिल-खारिज या म्यूटेशन का मतलब मालिकाना हक नहीं


कोर्ट ने कहा कि कानून के तय प्रस्ताव के मुताबिक दाखिल-खारिज से जुड़ी एंट्री व्यक्ति के पक्ष में कोई अधिकार टाइटल या उसके हित में कोई फैसला नहीं करती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रेवेन्यू रिकार्ड में दाखिल-खारिज केवल वित्तीय उद्देश्य के लिए हैं।


दाखिल-खारिज से ना तो संपत्ति का मालिकाना हक मिल जाता है और ना ही समाप्त होता है


नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि रेवेन्यू रिकार्ड में संपत्ति के दाखिल-खारिज (Mutation of Property) से ना तो संपत्ति का मालिकाना हक मिल जाता है और ना ही समाप्त होता है। संपत्ति का मालिकाना हक सिर्फ एक सक्षम सिविल कोर्ट द्वारा ही तय किया जा सकता है। रेवेन्यू रिकार्ड में दाखिल-खारिज सिर्फ वित्तीय उद्देश्य के लिए है।


जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि रेवेन्यू रिकार्ड में सिर्फ एक एंट्री से उस व्यक्ति को संपत्ति का नहीं मिल जाता है जिसका नाम रिकार्ड में दर्ज हो। कोर्ट ने कहा कि कानून के तय प्रस्ताव के मुताबिक, दाखिल-खारिज से जुड़ी एंट्री व्यक्ति के पक्ष में कोई अधिकार, टाइटल या उसके हित में कोई फैसला नहीं करती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रेवेन्यू रिकार्ड में दाखिल-खारिज केवल वित्तीय उद्देश्य के लिए हैं।


कोर्ट ने कहा कि यदि संपत्ति के मालिकाना हक के संबंध में कोई विवाद है या विशेष रूप से जब वसीयत के आधार पर दाखिल-खारिज की मांग की जाती है, तो जो पार्टी अधिकार का दावा कर रही है उसे वसीयत को लेकर उपयुक्त सिविल कोर्ट का रुख करना होगा। वहीं अपने अधिकारों को तय करना होगा। उसके बाद ही सिविल कोर्ट के समक्ष निर्णय के आधार पर आवश्यक दाखिल- खारिज की एंट्री की जा सकती है।


यह आदेश मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एक आदेश को बरकरार रखते हुए आया है, जिसमें रीवा संभाग के अतिरिक्त आयुक्त द्वारा पारित आदेश को रद कर दिया गया था, जिसमें रेवेन्यू रिकार्ड में एक व्यक्ति के नाम को बदलने का निर्देश दिया गया था।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स