Searching...
Wednesday, December 2, 2020

मामूली आपराधिक मुकदमा होने पर नहीं रोक सकते पेंशन : हाईकोर्ट

मामूली आपराधिक मुकदमा होने पर नहीं रोक सकते पेंशन : हाईकोर्ट


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि कर्मचारी के खिलाफ मामूली आपराध में मुकदमा लंबित होने और विभागीय जांच में उसे मामूली सजा होने के आधार पर उसके सेवानिवृत्ति परिलाभ रोके नहीं जा सकते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कानून सक्षम प्राधिकारी को यह शक्ति देता है कि कर्मचारी के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमे के समाप्त होने तक उसे सेवानिवृत्ति परिलाभ रोके जाएं, तो इस शक्ति का प्रयोग होना चाहिए लेकिन जहां अपराध बेहद सामान्य प्रकृति का है, वहां यह नियम लागू नहीं होगा। इसी के साथ कोर्ट ने मामूली आपराध में लंबित मुकदमे के आधार पर रिटायर पुलिसकर्मी के सेवानिवृत्ति परिलाभ रोकने के निर्णय को सही नहीं माना है।


यह आदेश मुख्य न्यायमू‌र्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने आगरा के रिटायर कांस्टेबल उदयवीर सिंह के पक्ष में दिए गए एकल पीठ के आदेश को चुनौती देनी वाली राज्य सरकार की विशेष अपील पर दिया है। आप यह खबर शासनादेश डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। याची की ओर से अधिवक्ता ब्रह़म नारायण‌ सिंह ने बहस की। याची की अभिरक्षा से एक बंदी के भाग जाने का मुकदमा हरिपर्वत थाने में दर्ज है। इसका ट्रायल चल रहा है। विभागीय जांच में एसएसपी ने उसे निंदा टिप्पणी से दंडित किया है।


इस आधार पर सेवानिवृत्ति पर विभाग ने उसकी पेंशन, ग्रेच्युटी आदि का भुगतान रोक दिया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। एकल पीठ ने कहा कि याची के खिलाफ 2005 से मुकदमा लंबित है। काफी प्रयास के बावजूद मुकदमे का निस्तारण नहीं हो पाया है। विभागीय जांच में उसे निंदा टिप्पणी की सजा दी जा चुकी है। याची कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी से जूझ रहा है इसलिए उसे पेंशन व अन्य भुगतान किए जाएं।


इस आदेश को राज्य सरकार ने विशेष अपील में चुनौती दी। सरकारी वकील का कहना था कि आपराधिक मुकदमा लंबित रहने के दौरान सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा है कि यदि ऐसा नियम है तो उसका पालन होना चाहिए लेकिन इस मामले में जहां याची को निंदा टिप्पणी जैसी मामूली सजा दी गई है, उस आधार पर भुगतान रोकना उचित नहीं है। खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स