Searching...
Sunday, July 19, 2020

आयकर विभाग ने भारी लेनदेन वाले लोगों की पहचान की, स्वैच्छिक स्वीकारोक्ति के लिए शुरू होगा ई-कैम्पेन

आयकर विभाग ने भारी लेनदेन वाले लोगों की पहचान की, स्वैच्छिक स्वीकारोक्ति के लिए शुरू होगा ई-कैम्पेन 


नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) आयकर विभाग ने शनिवार को कहा कि उसने कुछ ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्होंने काफी मोटा लेनदेन करने के बावजूद आकलन वर्ष 2019-20 (वित्त वर्ष 2018-19 के संदर्भ में) के लिए रिटर्न दाखिल नहीं किया है या उनके रिटर्न में कमियां हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा कि आकलन वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने और संशोधित करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2020 है। विभाग करदाताओं की सुविधा के लिए स्वैच्छिक स्वीकारोक्ति को लेकर 20 जुलाई से ई-अभियान शुरू करेगा। सीबीडीटी ने कहा
 





नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) आयकर विभाग ने शनिवार को कहा कि उसने कुछ ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्होंने काफी मोटा लेनदेन करने के बावजूद आकलन वर्ष 2019-20 (वित्त वर्ष 2018-19 के संदर्भ में) के लिए रिटर्न दाखिल नहीं किया है या उनके रिटर्न में कमियां हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा कि आकलन वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने और संशोधित करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2020 है। 


विभाग करदाताओं की सुविधा के लिए स्वैच्छिक स्वीकारोक्ति को लेकर 20 जुलाई से ई-अभियान शुरू करेगा। सीबीडीटी ने कहा कि डेटा विश्लेषण से कुछ ऐसे करदाताओं के बारे में पता चला है, जिन्होंने काफी अधिक लेनदेन किया है, लेकिन उन्होंने आकलन वर्ष 2019-20 (वित्त वर्ष 2018-19 के संदर्भ में) के लिए रिटर्न दाखिल नहीं किया है। रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों के अलावा रिटर्न फाइल करने वाले कई ऐसे लोगों की पहचान हुई है, जिनके अधिक धनराशि वाले लेनदेन और उनके आयकर रिटर्न आपस में मेल नहीं खाते हैं। 


विभाग ने बताया कि 11 दिनों तक चलने वाला ई-अभियान 31 जुलाई 2020 को खत्म होगा और इस दौरान उन लोगों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिन्होंने या तो रिटर्न दाखिल नहीं किया है, या उनके रिटर्न में विसंगतियां हैं। बयान के मुताबिक ई-अभियान योजना के तहत आयकर विभाग चिन्हित लोगों को ईमेल या एसएमएस भेजेगा, ताकि प्राप्त सूचना के अनुसार उनके लेनदेन का सत्यापन किया जा सके। आयकर विभाग को यह सूचना वित्तीय लेनदेन विवरण (एसएफटी), स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस), स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) और विदेश से धनप्राप्ति (फार्म 15सीसी) जैसे दस्तावेजों से मिली है। सीबीडीटी ने कहा कि ई-अभियान का मकसद करदाताओं को कर या वित्तीय लेनदेन संबंधी जानकारी को ऑनलाइन सत्यापित करने में मदद करना और स्वैच्छिक स्वीकारोक्ति को बढ़ावा देना है।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसंख्‍या जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोन्‍नति प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स