Searching...
Sunday, July 19, 2020

कल से लागू होगा नया उपभोक्ता कानून, मिलावटी उत्पाद पर सख्त सजा होगी, शिकायत करना होगा आसान

कल से लागू होगा नया उपभोक्ता कानून, मिलावटी उत्पाद पर सख्त सजा होगी, शिकायत करना होगा आसान


किसी सामान या सेवा में कमी है, तो आप आसानी से शिकायत दर्ज करा सकते है। सोमवार से यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी। सरकार 20 जुलाई से नया उपभोक्ता कानून लागू कर रही है जो 1986 के कानून की जगह लेगा। केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने शनिवार कहा कि नए उपभोक्ता संरक्षण कानून में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, मध्यस्थता, उत्पादों के लिए तय जिम्मेदारी और मिलावटी व खतरनाक उत्पाद बनाने और बेचने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। 


यह कानून उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षा और अधिकार प्रदान करता है। कानून में 50 लाख रुपये तक जुर्माना और कई साल की सजा का प्रावधान है। इसके तहत शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को भी काफी आसान बनाया गया है। उपभोक्ता कहीं से भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। नए उपभोक्ता कानून में भ्रामक विज्ञापनों पर जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। जनहित याचिका दे सकेंगे नए कानून के तहत उपभोक्ता मध्यस्थता सेल का गठन होगा। दोनों पक्ष आपसी सहमति से मध्यस्थता सेल जा सकेंगे। 


जनहित याचिका अब उपभोक्ता फोरम में दाखिल की जा सकेगी जबकि पहले के कानून में ऐसा नहीं था। उपभोक्ता फोरम में मामले दाखिल करने का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। जिला उपभोक्ता फोरम में एक करोड़ रुपये तक की शिकायत कर सकेंगे जबकि राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में एक करोड़ रुपये से अधिक और दस करोड़ रुपये तक के मामलों की सुनवाई होगी। वहीं राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में दस करोड़ रुपये से ऊपरके मामलों की सीधी सुनवाई होगी।


उपभोक्ता फोरम खुद कार्रवाई कर सकेंगे नए कानून में उपभोक्ताओं के साथ उपभोक्ता फोरम को भी काफी अधिकार दिए गए हैं। इसके तहत जिला फोरम को लगता है कि किसी मामले में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का हित जुड़ा है तो वह बिना उपभोक्ता की शिकायत के उसपर फैसला ले सकता है। साथ ही उसे राज्य या राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग को सीधे भेज सकता है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट कई मामलों में ऐसी पहल कर चुके हैं। अब उपभोक्ता फोरम को भी यह अधिकार मिल जाएगा।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसंख्‍या जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोन्‍नति प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स