Searching...
Sunday, July 19, 2020

कुएं, नदी, नहर तालाब में डूबने से मृत्यु को भी राज्य आपदा घोषित करने का प्रस्ताव


कुएं, नदी, नहर तालाब में डूबने से मृत्यु को भी राज्य आपदा घोषित करने का प्रस्ताव


प्रदेश में नाव दुर्घटना के बाद डूबने, बोरवेल में गिरने और सीवर सफाई के दौरान मृत्यु पर तो मुआवजे की व्यवस्था है लेकिन नदी, तालाब, नहर, नाले व गड्ढे में डूबने से मृत्यु पर मुआवजे की व्यवस्था नहीं है। हर वर्ष इस तरह की बड़ी संख्या में मृत्यु हो रही है। अब इस तरह की मृत्यु को भी आर्थिक सहायता के दायरे में लाने की जरूरत महसूस की जा रही है।शासन स्तर पर इस पर विचार विमर्श शुरू हो गया है। राज्य आपदा घोषित होने पर पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा सकेगी।  


हाल में रामपुर के कोसी नदी में नहाने गए दो युवक डूब गए। दोनों की मृत्यु हो गई। इसी तरह जौनपुर में मछली मारने के लिए नदी में जाल लगा रहा युवक डूब गया और उसकी भी मृत्यु हो गई। इसी तरह पिछले वर्ष प्रतापगढ़ में तालाब में नहाते समय चार बच्चों व फर्रुखाबाद में नदी में डूबने से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। 


जानकार बताते हैं कि प्रदेश में हर वर्ष इस तरह डूबने से 200-250 लोगों की मृत्यु हो जाती है। कई परिवारों को अचानक कमाऊ सदस्य खो देना पड़ता है और कई परिवारों का भविष्य ही अंधकारमय हो जाता है। मगर, राज्य आपदा घोषित न होने से सरकार ऐसे परिवारों को किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं कर पाती है।  इन घटनाओं के पीड़ित परिवारों को किसी तरह की मदद नहीं दी जा सकी।  जानकार बताते हैं कि इस वर्ष से केंद्र सरकार ने प्रदेश की राज्य आपदा मोचक निधि का आवंटन करीब तीन गुना तक बढ़ा दिया है। 


ऐसे में सरकार चाहे तो मौजूदा घोषित राज्य आपदाओं से इतर इस तरह की घटनाओं को राज्य आपदा घोषित कर पीड़ित परिवारों के दु:ख में सहभागी बन सकती है। इस संबंध में राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि प्रदेश में 22 तरह की आपदाओं को केंद्रीय आपदा व 18 तरह की आपदाओं को राज्य आपदा घोषित किया गया है। 


कुएं, नदी, तालाब आदि में डूब कर मृत्यु इस दायरे में नहीं है। सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और कुएं, नदी, तालाब, नहर, नाले व गड्ढे में डूब कर होने वाली मृत्यु को राज्य आपदा घो षित करने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। राहत आयुक्त ने बताया कि बिहार में इस तरह की घटनाएं राज्य आपदा के दायरे में हैं। शासन इस पर विस्तृत विचार-विमर्श कर निर्णय करेगा।

संबन्धित खबरों के लिए क्लिक करें

GO-शासनादेश NEWS अनिवार्य सेवानिवृत्ति अनुकम्पा नियुक्ति अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण अवकाश आंगनबाड़ी आधार कार्ड आयकर आरक्षण आवास उच्च न्यायालय उच्‍च शिक्षा उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड उपभोक्‍ता संरक्षण एरियर एसीपी ऑनलाइन कर कर्मचारी भविष्य निधि EPF कामधेनु कारागार प्रशासन एवं सुधार कार्मिक कार्यवाही कृषि कैरियर कोर्टशाला कोषागार खाद्य एवं औषधि प्रशासन खाद्य एवम् रसद खेल गृह गोपनीय प्रविष्टि ग्रामीण अभियन्‍त्रण ग्राम्य विकास ग्रेच्युटी चतुर्थ श्रेणी चयन चिकित्सा चिकित्‍सा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति छात्रवृत्ति जनवरी जनसंख्‍या जनसुनवाई जनसूचना जनहित गारण्टी अधिनियम धर्मार्थ कार्य नकदीकरण नगर विकास निबन्‍धन नियमावली नियुक्ति नियोजन निर्वाचन निविदा नीति न्याय न्यायालय पंचायत चुनाव 2015 पंचायती राज पदोन्नति परती भूमि विकास परिवहन पर्यावरण पशुधन पिछड़ा वर्ग कल्‍याण पीएफ पुरस्कार पुलिस पेंशन प्रतिकूल प्रविष्टि प्रशासनिक सुधार प्रसूति प्राथमिक भर्ती 2012 प्रेरक प्रोन्‍नति प्रोबेशन बजट बर्खास्तगी बाट माप बेसिक शिक्षा बैकलाग बोनस भविष्य निधि भारत सरकार भाषा मकान किराया भत्‍ता मत्‍स्‍य मंहगाई भत्ता महिला एवं बाल विकास माध्यमिक शिक्षा मानदेय मानवाधिकार मान्यता मुख्‍यमंत्री कार्यालय युवा कल्याण राजस्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद राज्य सम्पत्ति राष्ट्रीय एकीकरण रोक रोजगार लघु सिंचाई लोक निर्माण लोक सेवा आयोग वरिष्ठता विकलांग कल्याण वित्त विद्युत विविध विशेष भत्ता वेतन व्‍यवसायिक शिक्षा शिक्षा शिक्षा मित्र श्रम सचिवालय प्रशासन सत्यापन सत्र लाभ सत्रलाभ समन्वय समाज कल्याण समाजवादी पेंशन समारोह सर्किल दर संवर्ग संविदा संस्‍थागत वित्‍त सहकारिता सातवां वेतन आयोग सामान्य प्रशासन सार्वजनिक उद्यम सार्वजनिक वितरण प्रणाली सिंचाई सिंचाई एवं जल संसाधन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम सूचना सेवा निवृत्ति परिलाभ सेवा संघ सेवानिवृत्ति सेवायोजन सैनिक कल्‍याण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन स्थानांतरण होमगाडर्स