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Wednesday, June 30, 2021

यूपी : राज्यकर्मियों ने महंगाई भत्ते बहाल करने की मांग की

यूपी : राज्यकर्मियों ने महंगाई भत्ते बहाल करने की मांग की

संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों ने बैठक में लिया निर्णय

उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े सभी संघ और जिला शाखाओं द्वारा एक जुलाई को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा

लखनऊ : महंगाई भत्ते को बहाल करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े सभी संघ और जिला शाखाओं द्वारा एक जुलाई को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। यह निर्णय संयुक्त परिषद ने मंगलवार को बैठक में लिया।


परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि देश के कर्मचारी जुलाई के पूर्व ही सरकार द्वारा महंगाई भत्ते को बहाल करने की घोषणा का इंतजार कर रहे थे लेकिन जून माह बीतने के बाद भी अभी तक कोई घोषणा केंद्र सरकार द्वारा नहीं की गई है जिससे कर्मचारी बहुत ही दुखी हैं। कर्मचारियों में निराशा के साथ ही रोष है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठन एक जुलाई को महंगाई भत्ते की मांग करते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास करेंगे।



इप्सेफ ने की एक जुलाई से महंगाई भत्ते की किस्तों का एरियर सहित भुगतान की मांग


लखनऊ। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) ने प्रधानमंत्री और कैबिनेट सचिव को पत्र भेजकर एक जुलाई से महंगाई भत्ते की किस्तों का एरियर सहित भुगतान तथा पुरानी पेंशन की बहाली की मांग की है। इप्सेफ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि भत्ते नहीं दिए गए तो कर्मचारी एक जुलाई को प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्रा ने प्रधानमंत्री और कैबिनेट सचिव को पत्र भेजकर मांग की है मांग को लेकर प्रधानमंत्री को लिखा पत्र कि महंगाई भत्ते की सभी किस्तों का एरियर सहित भुगतान जुलाई में किया जाए। एनपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए। 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन में एक वेतन वृद्धि को जोड़कर पेंशन निर्धारित की जाए।

 महामंत्री प्रेमचंद्र ने बताया कि मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को कई पत्र भेजे जा चुके हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। कर्मचारी आस लगाए बैठा है कि । जुलाई को महंगाई भत्ते की सभी बकाया किस्तों का एरियर सहित भुगतान हो जाएगा। खाद्य सामग्री, पढ़ाई, लिखाई एवं पेट्रोल डीजल की लगातार बढ़ोतरी से उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। कर्मचारी कर्जदार होता जा रहा है। इसलिए महंगाई भत्ते की किस्तों का भुगतान जरूरी हो गया है।

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