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Monday, January 24, 2022

चुनाव अफसरों के प्रशिक्षण में हस्तक्षेप से हाईकोर्ट का इंकार, चुनाव आयोग को मिली बड़ी राहत

चुनाव अफसरों के प्रशिक्षण में हस्तक्षेप से हाईकोर्ट का इंकार, चुनाव आयोग को मिली बड़ी राहत

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प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विधानसभा चुनाव में पीठासीन अधिकारियों के ऑनलाइन प्रशिक्षण की मांग में दाखिल याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है और याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने दयालबाग शिक्षण संस्थान की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने गत दिवस प्रारंभिक सुनवाई पर पूछा था कि जिनका इम्युनिटी सिस्टम कमजोर है, उनके प्रशिक्षण से घर लौटने पर परिवार को संक्रमण का खतरा है। ऐसे में क्या ऑनलाइन प्रशिक्षण नहीं दिया जा सकता?


निर्वाचन आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडे ने कोर्ट को आयोग की ओर से प्रशिक्षण के लिए किए गए इंतजाम की जानकारी दी। कहा कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्य स्थायी अधिवक्ता प्रथम जेएन मौर्य ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने डॉक्टरों का पैनल तैयार किया है, जो बीमार लोगों की जांच कर रिपोर्ट देगा। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी को अधिकार दिया गया है कि वह ड्यूटी से छूट दे सकता है।


वैसे भी 24 व 25 जनवरी को जो लोग प्रशिक्षण ले नहीं सकेंगे। उनके लिए 29 जनवरी को विशेष व्यवस्था के तहत प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। यह भी बताया कि ईवीएम के बारे में प्रशिक्षण दिया जाना है, जो ऑनलाइन नहीं दिया जा सकता। व्यक्तिगत उपस्थित होकर ईवीएम की जानकारी प्राप्त करना जरूरी है। इस पर कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।


याचिका में कहा गया था कि 324 में से 194 लोगों को 24 व 25 जनवरी को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया है। इन 194 में कुछ लोग ऐसी बीमारी से ग्रस्त हैं, जिससे उन्हें कोरोना संक्रमित होने की अधिक संभावना है। यदि ये संक्रमण लेकर घर वापस गए तो परिवार के हित में नहीं होगा। कहा गया कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन के खंड 40 में लिखा है कि चुनाव अधिकारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा सकता है।


चुनाव में ड्यूटी करने वाले अफसरों पर दायर इस याचिका को इलाहबाद हाईकोर्ट ने किया खारिज, कही यह बड़ी बात  

                
यूपी विधानसभा चुनाव में ड्यूटी करने वाले पीठासीन अफसरों की फिजिकल ट्रेनिंग कराए जाने के मामले में चुनाव आयोग को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इलाहबाद हाईकोर्ट ने फिजिकल ट्रेनिंग पर पाबंदी लगाकर सिर्फ ऑनलाइन ट्रेनिंग कराए जाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने चुनाव आयोग के जवाब को संतोषजनक मानते हुए कहा कि ट्रेनिंग को लेकर चुनाव आयोग ने पर्याप्त कदम उठाए हैं।


कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कहा कि ट्रेनिंग को लेकर चुनाव आयोग द्वारा उठाये गए कदम पर्याप्त हैं और चुनाव आयोग ने जो इंतजाम किए हैं वह पूरी तरह संतोषजनक है इसलिए इस मामले में दखल देने की कोई जरूरत नहीं है। दरअसल, चुनाव में ड्यूटी करने वाले पीठासीन अफसरों की फिजिकल ट्रेनिंग कराए जाने के मामले में दायर याचिका पर चुनाव आयोग का जवाब दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट ने अर्जी को खारिज कर दिया।


याचिका में दलील दी गई थी कि निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस के पैरा 40 में ऑनलाइन ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की गई है। फिजिकल ट्रेनिंग होने पर अफसरों के संक्रमित होने का खतरा रहेगा और घर वापस लौटने पर परिवार वाले भी संक्रमित हो सकते हैं। इसी मामले में हाईकोर्ट से दखल दिए जाने की मांग की गई थी जिसपर कोर्ट ने रविवार को छुट्टी के दिन सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग से जवाब मांगा था।


सोमवार को चुनाव आयोग ने अपना जवाब कोर्ट के समक्ष रखा जिससे कोर्ट संतुष्ट रही। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस शेखर कुमार यादव की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग ने ट्रेनिंग को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं इसलिए कोविड प्रोटोकाल के तहत ही ट्रेनिंग कराई जाएगी साथ ही ट्रेनिंग करने वालों के लिए कोविड टेस्ट और वैक्सीनेशन अनिवार्य होगा।    


बता दें कि सामाजिक संस्था दयालबाग शिक्षण संस्थान ने यह याचिका दायर की थी। याचिका में विधानसभा चुनाव में ड्यूटी करने वाले पीठासीन अफसरों को फिजिकल के बजाय सिर्फ ऑनलाइन ट्रेनिंग कराए जाने की मांग की गई थी जिसे इलाहबाद उच्च न्यायलय ने सोमवार को खारिज कर दिया।



क्या ऑनलाइन प्रशिक्षण चुनाव के लिए संभव? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग व राज्य सरकार से पूछा


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प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग व राज्य सरकार से पूछा है कि विधानसभा चुनाव के जिन पीठासीन अधिकारियों का इम्युनिटी सिस्टम कमजोर है और ट्रेनिंग के बाद उनके घर लौटने पर परिवारीजनों को संक्रमण का खतरा है, क्या उन्हें ऑनलाइन प्रशिक्षण मुहैया नहीं कराया सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने दयालबाग शिक्षण संस्थान की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।


कोर्ट ने आयोग के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडे व मुख्य स्थायी अधिवक्ता जेएन मौर्य से यह जानकारी प्राप्त करने को कहा कि क्या ऐसे लोगों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा सकता है। चुनाव आयोग की गाइडलाइंस में लिखा है कि चुनाव अधिकारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा सकता है।



संस्थान ने याचिका में निर्वाचन कार्य के लिए 24 व 25 जनवरी को होने वाले प्रशिक्षण में अस्वस्थ लोगों के जाने से खतरे की आशंका जताते हुए हस्तक्षेप करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि 324 में से 194 लोगों को 24 व 25 जनवरी को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया है। इन 194 में से कुछ लोग ऐसी बीमारी से ग्रस्त हैं जिससे उनके कोरोना संक्रमित होने की अधिक संभावना है। साथ ही वे यदि संक्रमण लेकर घर वापस गए तो यह परिवार के हित में नहीं होगा। याचिका की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।


✍️ 
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
In Residence
Case :- WRIT - C No. - 1257 of 2022

Petitioner :- Dayalbagh Education Institute
Respondent :- Election Commission Of India And 2 Others
Counsel for Petitioner :- Kartikeya Saran,Ujjawal Satsangi
Counsel for Respondent :- C.S.C.,Ashutosh Mishra


Hon'ble Siddhartha Varma,J.
Hon'ble Shekhar Kumar Yadav,J.
Supplementary Affidavit filed today be kept on record.
Considering the case as very urgent, we are taking up the matter today.

Learned counsel for the petitioner argued that out of 324 individuals, who are to be trained from the petitioner-institution, 194 had been called for a training on 24th and 25th January 2022. It is the contention of learned counsel for the petitioner that out of 194 individuals, a few of them were suffering from such diseases which would make them susceptible to Covid-19 infection. Still further, it has been argued that there were members of the family of those individuals who were ill and if, during the training, certain infection is carried home, then it would jeopardize the interest of the family members also.


Learned counsel for the Election Commission Sri Rakesh Pande, Senior Advocate assisted by Sri Ashutosh Mishra may seek instructions as to whether training through online mode can be given to such individuals who were immunocompromised and whose family members were at risk, specially when the guidelines of the Election Commission in Clause No.4, at page 30 of the writ petition, have stated that training for election officials can be organized through online mode.


Sri J.N. Maurya, learned Chief Standing Counsel assisted by Sri Virendra Kumar Pal, who are also present, may also take instructions.
Place this petition on 24.1.2022 as fresh at 10.00 AM.
Order Date :- 23.1.2022
GS

(Siddhartha Varma, J.)
(Shekhar Kumar Yadav, J.)

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